नई दिल्ली: केरलम विधानसभा चुनाव में यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट यानी UDF को बड़ी जीत मिली है। 140 सीटों वाली विधानसभा में गठबंधन ने 102 सीटें अपने नाम कीं। 4 मई 2026 को नतीजे आए, मगर अब तक कांग्रेस अगले मुख्यमंत्री के नाम पर फैसला नहीं कर पाई है। पार्टी के अंदर CM चेहरे को लेकर जोरदार मंथन चल रहा है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार कांग्रेस आलाकमान ने केरल में विधायकों की राय जानने के लिए दो AICC पर्यवेक्षक भेजे थे। मुकुल वासनिक और अजय माकन ने शुक्रवार 8 मई 2026 को अपनी रिपोर्ट पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को सौंप दी।
रिपोर्ट में सभी कांग्रेस विधायकों से बातचीत के बाद उनकी पसंद और सीएम पद को लेकर राय शामिल है। अब पार्टी ऐसा फॉर्मूला निकालना चाहती है जिससे तीनों बड़े दावेदार नाराज न हों और संगठन में फूट की नौबत न आए।
वहीं केरलम CM पद की दौड़ में फिलहाल तीन नाम सबसे आगे चल रहे हैं। इनमें वी. डी. सतीशन, रमेश चेन्नीथला और केसी वेणुगोपाल शामिल हैं। तीनों का अपना सियासी कद और समर्थक आधार है।
वीडी सतीशन इस समय सबसे मजबूत दावेदार माने जा रहे हैं। 2016 और 2021 में कांग्रेस की हार के बाद उन्होंने विधानसभा में विपक्ष के नेता की जिम्मेदारी संभाली थी। उनके नेतृत्व में 2024 लोकसभा चुनाव में UDF ने केरल की 20 में से 18 सीटें जीती थीं। सतीशन परवूर सीट से लगातार विधायक हैं और केरल की सियासत में UDF का भरोसेमंद चेहरा माने जाते हैं। शुक्रवार को उनके समर्थकों ने राज्य के कई जिलों में प्रदर्शन कर उन्हें मुख्यमंत्री बनाने की मांग भी उठाई।
AICC के संगठन महासचिव के. सी. वेणुगोपाल भी CM पद के बड़े दावेदार हैं। उन्हें राहुल गांधी का बेहद करीबी माना जाता है। 2026 के विधानसभा चुनाव में प्रचार और रणनीति बनाने में उनकी अहम भूमिका रही। हालांकि पेंच यह है कि वेणुगोपाल ने इस बार विधानसभा चुनाव लड़ा ही नहीं। अगर पार्टी उन्हें CM बनाती है तो संवैधानिक नियम के तहत 6 महीने के अंदर उन्हें विधानसभा या विधान परिषद का सदस्य बनना जरूरी होगा।
रमेश चेन्निथला केरल कांग्रेस के सबसे अनुभवी नेताओं में गिने जाते हैं। वे पहले राज्य के गृह मंत्री रह चुके हैं और संगठन पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2026 के चुनाव में चेन्निथला ने हरिपद सीट से लगातार छठी बार जीत दर्ज की है। उनका लंबा सियासी अनुभव पार्टी के लिए फायदेमंद हो सकता है। First Updated : Sunday, 10 May 2026