चेन्नई: रविवार सुबह अभिनेता से राजनेता बने विजय थलापति ने राज्य के नौवें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली है. पहली बार चुनाव मैदान में उतरी उनकी पार्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सत्ता तक का सफर तय किया. हालांकि शपथ ग्रहण के तुरंत बाद ही सियासी बयानबाजी शुरू हो गई और पूर्व मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने विजय पर तंज कस दिया है.
स्टालिन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर विजय को मुख्यमंत्री बनने की बधाई दी, लेकिन साथ ही उन्होंने सरकार की आर्थिक स्थिति को लेकर टिप्पणी भी कर दी. उन्होंने लिखा कि मुख्यमंत्री पद संभालने के लिए वह विजय को शुभकामनाएं देते हैं और उनके शुरुआती फैसलों का स्वागत करते हैं. लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि नई सरकार को यह कहना शुरू नहीं करना चाहिए कि राज्य के पास पैसा नहीं है, क्योंकि सरकार के पास पर्याप्त संसाधन मौजूद हैं. जरूरत केवल मजबूत इच्छाशक्ति और बेहतर प्रशासन की है.
पूर्व मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार के कामकाज का जिक्र करते हुए कहा कि डीएमके सरकार ने कोविड महामारी, बाढ़ जैसी चुनौतियों और केंद्र सरकार की उपेक्षा के बावजूद कई जनकल्याणकारी योजनाएं लागू कीं. स्टालिन ने विजय के उस बयान पर भी प्रतिक्रिया दी, जिसमें नई सरकार ने राज्य पर भारी कर्ज छोड़ने का आरोप लगाया था.
उन्होंने कहा कि तमिलनाडु का कर्ज नियंत्रित सीमा के भीतर है और इसका पूरा विवरण पहले ही बजट में दिया जा चुका था. स्टालिन ने विजय को याद दिलाया कि चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने केवल वही वादे करने की बात कही थी जिन्हें पूरा किया जा सके. अब प्रशासनिक जिम्मेदारी संभालने के बाद उन्हें शासन की जमीनी हकीकत समझनी होगी.
तमिलनाडु की राजनीति में विजय और स्टालिन के बीच टकराव नया नहीं है. चुनाव प्रचार के दौरान भी दोनों नेताओं के बीच तीखी बयानबाजी देखने को मिली थी. शुरुआत में विजय की पार्टी को हल्के में लेने वाली डीएमके के लिए चुनाव नतीजे बड़ा झटका साबित हुए. वहीं राजनीतिक समीकरणों में कांग्रेस की भूमिका भी चर्चा में है. चुनाव से पहले कांग्रेस ने डीएमके के साथ गठबंधन बनाए रखा था, लेकिन नतीजों के बाद उसने विजय का समर्थन कर दिया. इसके बाद डीएमके और कांग्रेस के रिश्तों को लेकर भी सियासी चर्चाएं तेज हो गई हैं. First Updated : Sunday, 10 May 2026