भारतीय रेलवे में ठेके पर काम करने वाले लाखों कर्मचारियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है. रेलवे बोर्ड ने संविदा कर्मचारियों के लिए वेरिएबल महंगाई भत्ता बढ़ाने का फैसला लिया है, जिससे अब उनकी मासिक कमाई में इजाफा होगा.
नई दरें 1 अप्रैल 2026 से लागू मानी जाएंगी. ऐसे में कर्मचारियों को अप्रैल महीने से ही बढ़ी हुई मजदूरी और महंगाई भत्ते का लाभ मिलने लगेगा. रेलवे बोर्ड के इस फैसले से विभिन्न विभागों में कार्यरत श्रमिकों को सीधा फायदा पहुंचेगा.
रेलवे बोर्ड के आदेश के अनुसार, मुख्य श्रम आयुक्त के निर्देशों का पालन करते हुए यह फैसला लिया गया है. महंगाई भत्ते में वृद्धि औद्योगिक कामगारों के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक में हुई बढ़ोतरी के आधार पर की गई है. बताया गया है कि CPI-IW इंडेक्स में 11.28 अंकों की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिसके बाद कर्मचारियों के VDA में संशोधन किया गया.
रेलवे बोर्ड ने यह आदेश सभी जोनल मुख्यालयों और उत्पादन इकाइयों को भेज दिया है. इसके तहत रेलवे के कई अहम विभागों में काम करने वाले कर्मचारियों को लाभ मिलेगा.
सामान की लोडिंग और अनलोडिंग का काम करने वाले श्रमिकों की मजदूरी बढ़ाई गई है.
सड़क, रनवे और रेलवे भवनों के निर्माण व रखरखाव में लगे मजदूरों को भी नई दरों का लाभ मिलेगा.
रेलवे परिसर और ट्रेनों की सफाई में जुटे कर्मचारियों के वेतन में भी बढ़ोतरी होगी.
वॉच एंड वार्ड विभाग में कार्यरत हथियारबंद और बिना हथियार वाले सुरक्षा गार्डों की मजदूरी भी संशोधित की गई है.
रेलवे से जुड़ी कृषि गतिविधियों और पत्थर खदानों में कार्यरत श्रमिकों को भी नई दरों का फायदा मिलेगा.
सरकार ने मजदूरी दरों के लिए शहरों को तीन श्रेणियों ‘A’, ‘B’ और ‘C’ में बांटा है.
‘A’ श्रेणी में दिल्ली, मुंबई और कोलकाता जैसे महानगर शामिल हैं, जहां मजदूरी की दर सबसे ज्यादा होगी.
‘B’ श्रेणी में मध्यम स्तर के शहर शामिल किए गए हैं.
‘C’ श्रेणी में अन्य सभी क्षेत्र रखे गए हैं.
श्रेणी एरिया ‘A’ एरिया ‘B’ एरिया ‘C’
अकुशल ₹827 ₹693 ₹556
अर्ध-कुशल ₹918 ₹781 ₹650
कुशल ₹1,008 ₹918 ₹781
अति-कुशल ₹1,094 ₹1,008 ₹918
श्रेणी एरिया ‘A’ एरिया ‘B’ एरिया ‘C’
बिना हथियार ₹1,008 ₹918 ₹781
हथियार के साथ ₹1,094 ₹1,008 ₹918
रेलवे बोर्ड ने साफ किया है कि भारतीय रेलवे ‘प्रधान नियोक्ता’ की भूमिका में है. इसलिए यह सुनिश्चित करना रेलवे प्रशासन की जिम्मेदारी होगी कि सभी ठेकेदार संशोधित दरों के अनुसार कर्मचारियों को भुगतान करें. बोर्ड ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि मजदूरी का भुगतान समय पर और पूरी सख्ती के साथ सुनिश्चित किया जाए. यदि कोई ठेकेदार नियमों का पालन नहीं करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है. First Updated : Saturday, 09 May 2026