Air India Flight: एअर इंडिया की कोलंबो-चेन्नई फ्लाइट एक गंभीर हादसे से बाल-बाल बची लैंडिंग के दौरान विमान से एक पक्षी टकरा गया. इस घटना के बाद एयरलाइन को अपनी वापसी उड़ान रद्द करनी पड़ी. फ्लाइट में कुल 158 यात्री सवार थे जिन्हें सुरक्षित उतार लिया गया. वहीं इसी दिन दिल्ली से प्रयागराज जा रही इंडिगो की एक फ्लाइट को वायुसेना अभ्यास के चलते लखनऊ डायवर्ट कर दिया गया. दोनों घटनाओं ने एक बार फिर से विमानन सुरक्षा और सतर्कता को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं. अधिकारियों के अनुसार समय रहते लिए गए फैसलों ने इन स्थितियों को नियंत्रण में रखा. बर्ड हिट के बाद विमान को उड़ान के लिए मिली अनुमति फिर निकली तकनीकी खामी.
मंगलवार देर रात लगभग 1:55 बजे विमान जब कोलंबो एयरपोर्ट पर लैंड कर रहा था तभी उससे एक पक्षी टकरा गया. शुरुआती जांच में इस टक्कर को मामूली माना गया और विमान को उड़ान की अनुमति दे दी गई. लेकिन जब यही विमान रूप में सुबह 4:34 बजे चेन्नई पहुंचा तो रूटीन तकनीकी निरीक्षण में एक फैन ब्लेड डैमेज पाया गया.
तकनीकी टीम ने तुरंत रिपोर्ट दी और एअर इंडिया ने विमान को AOG (Aircraft On Ground) घोषित कर दिया. इसका मतलब है कि अब यह विमान अगली सूचना तक सेवा से बाहर रहेगा. विमान को पूरी तरह जांचने और आवश्यक मरम्मत के बाद ही दोबारा उड़ान के लिए उपयोग में लाया जाएगा एयरलाइन अधिकारी ने जानकारी दी.
इसी दिन इंडिगो की एक घरेलू फ्लाइट जो दिल्ली से प्रयागराज जा रही थी जिसे भारतीय वायुसेना के अभ्यास के चलते लखनऊ एयरपोर्ट की ओर डायवर्ट कर दिया गया. यात्रियों को सुरक्षित लखनऊ में उतारा गया और आगे की यात्रा की वैकल्पिक व्यवस्था की गई.
भारत में बीते कुछ वर्षों में कई विमान दुर्घटनाएं हो चुकी हैं.
12 जून 2025 को एयर इंडिया की एक फ्लाइट अहमदाबाद से लंदन जाते समय हादसे का शिकार हो गई थी जिसमें 141 यात्रियों की मौत हुई थी.
अगस्त 2020 में कोझिकोड एयरपोर्ट पर एअर इंडिया एक्सप्रेस की फ्लाइट लैंडिंग के दौरान फिसल गई थी, जिसमें 21 लोगों की जान गई थी.
इन घटनाओं ने यह स्पष्ट कर दिया है कि हर एक तकनीकी गड़बड़ी को गंभीरता से लेना और समय पर निरीक्षण करना बेहद जरूरी है.
हालिया घटनाएं एक बार फिर यह याद दिलाती हैं कि हवाई सुरक्षा में जरा-सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है. हालांकि एयर इंडिया और इंडिगो दोनों ने समय रहते जरूरी कदम उठाकर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की लेकिन इस तरह की घटना दुबारा ल होने के लिए सतर्कता और तकनीकी दक्षता में निरंतर सुधार की आवश्यकता है. First Updated : Tuesday, 07 October 2025