रायपुर: छत्तीसगढ़ भाजपा में इन दिनों राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. पार्टी के भीतर सत्ता और संगठन दोनों स्तरों पर संभावित बदलावों को लेकर चर्चाओं का दौर जारी है. पश्चिम बंगाल समेत पांच राज्यों के चुनाव परिणामों के बाद भाजपा राष्ट्रीय स्तर पर बड़े संगठनात्मक बदलाव कर सकती है और इसका असर छत्तीसगढ़ में भी देखने को मिल सकता है.
इसी बीच 12 और 13 मई को रायपुर स्थित भाजपा प्रदेश कार्यालय कुशाभाऊ ठाकरे परिसर में होने वाली कोर कमेटी, प्रदेश पदाधिकारियों और प्रदेश कार्यसमिति की बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है. हालांकि पार्टी इसे नियमित संगठनात्मक बैठक बता रही है, लेकिन राजनीतिक गलियारों में इसे बड़े बदलावों की तैयारी से जोड़कर देखा जा रहा है.
भाजपा प्रदेश महामंत्री डॉ. नवीन मार्कण्डेय के अनुसार 12 मई को कोर कमेटी और प्रदेश पदाधिकारियों की बैठक होगी, जबकि 13 मई को प्रदेश कार्यसमिति की बैठक आयोजित की जाएगी. इन बैठकों में राष्ट्रीय सह संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल, प्रदेश अध्यक्ष किरण सिंह देव और संगठन महामंत्री पवन साय शामिल होंगे.
राजनीतिक चर्चाओं के केंद्र में संगठन और मंत्रिमंडल दोनों में बदलाव की संभावनाएं हैं. सूत्रों के मुताबिक, पार्टी नेतृत्व सरकार और संगठन के कामकाज को लेकर लगातार फीडबैक ले रहा है. इसी आधार पर आने वाले समय में जिम्मेदारियों में फेरबदल हो सकता है.
इस बीच, सबसे ज्यादा चर्चा डिप्टी सीएम स्तर पर संभावित बदलाव को लेकर हो रही है. राजनीतिक हलकों में यह कयास लगाए जा रहे हैं कि किसी एक उपमुख्यमंत्री को राष्ट्रीय संगठन में बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है. इस चर्चा में विजय शर्मा और अरुण साव के नाम प्रमुख रूप से सामने आ रहे हैं.
इसके साथ ही महिला नेतृत्व को आगे लाने की रणनीति पर भी चर्चा तेज है. पार्टी आदिवासी या ओबीसी महिला चेहरे को बड़ी जिम्मेदारी देकर सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश कर सकती है. लता उसेंड़ी और रेणुका सिंह जैसे नाम राजनीतिक चर्चाओं में शामिल हैं.
मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल की अटकलें भी तेज हैं. माना जा रहा है कि कुछ नए चेहरों को मौका दिया जा सकता है. भावना बोहरा, पुरंदर मिश्रा और सुशांत शुक्ला जैसे नाम संभावित दावेदारों में गिने जा रहे हैं.
हालांकि पार्टी की ओर से अभी तक किसी बदलाव की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, लेकिन आगामी बैठकों पर राजनीतिक नजरें टिकी हुई हैं. माना जा रहा है कि भाजपा अब 2028 विधानसभा चुनाव की रणनीति को ध्यान में रखकर संगठन और सरकार दोनों स्तरों पर नए समीकरण तैयार करने में जुट गई है. First Updated : Tuesday, 12 May 2026