Cloudburst Hits Kullu: हिमाचल प्रदेश के कुल्लू और रामपुर इलाके में शनिवार शाम अचानक बादल फट गए और तेज बारिश ने भारी तबाही मचा दी. इतनी बारिश हुई कि सड़कों पर खड़े करीब 25 वाहन पानी और मलबे में बह गए. हैरानी की बात ये है कि अभी तक किसी के हताहत होने की खबर नहीं आई है, जो किसी बड़े हादसे से बचाव की राहत की बात है.
कुल्लू जिले के निरमंड क्षेत्र में अचानक शरशया नाले में पानी का बहाव इतना तेज हो गया कि सड़क किनारे खड़े लगभग 20 से 25 वाहन बह गए और मलबे में दब गए. खास बात ये है कि पांच वाहन तो सतलुज नदी के किनारे तक बह गए. जमातखाना, निरमंड और अनी इलाके में भी बादल फटने की घटना दर्ज की गई है. भारी बारिश और ओलावृष्टि ने रामपुर के खेतों और फसलों को भी बर्बाद कर दिया है.
बाढ़ में बहते हुए वाहनों के कई वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं. इन वीडियो में साफ दिख रहा है कि कैसे पानी ने सड़क किनारे खड़े वाहनों को अपनी लहरों में समेट लिया.
भारी बारिश से सतलुज नदी का जलस्तर भी तेजी से बढ़ गया है, जिससे आगे भी बाढ़ का खतरा बढ़ गया है. स्थानीय प्रशासन और बचाव दल पूरी तरह से अलर्ट पर हैं और जरूरी कार्रवाई कर रहे हैं.
शिमला स्थित मौसम विज्ञान केंद्र ने कुल्लू सहित राज्य के नौ जिलों के लिए तेज बारिश, ओलावृष्टि और आंधी-तूफान का येलो अलर्ट जारी किया है. इनमें बिलासपुर, चंबा, हमीरपुर, कांगड़ा, मंडी, शिमला, सिरमौर और सोलन जिले भी शामिल हैं.
मौसम विभाग के अनुसार 27 और 28 मई को इन इलाकों में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी और बिजली चमकने के साथ आंधी-तूफान भी आ सकता है.
निरमंड के उपजिलाधिकारी मनमोहन सिंह ने बताया कि इस घटना में किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है. उन्होंने लोगों से सावधानी बरतने और घरों से अनावश्यक बाहर न निकलने की अपील की है.
कुल्लू और आसपास के इलाकों में इस बार बादल फटने और भारी बारिश ने एक बार फिर से प्रकृति की शक्ति का एहसास कराया है. बड़ी तबाही होते-होते बच गई, लेकिन सावधानी और सतर्कता अभी भी जरूरी है क्योंकि मौसम विभाग का अलर्ट जारी है. लोग अपने-अपने क्षेत्र में सुरक्षित रहें और प्रशासन की हिदायतों का पालन करें. First Updated : Sunday, 25 May 2025