नई दिल्ली: देश में बढ़ती अशांति और अंतरराष्ट्रीय तनाव के बीच ईरान ने गुरुवार, 15 जनवरी को अचानक अपने हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया, जिससे अंतरराष्ट्रीय उड़ान संचालन अस्त-व्यस्त हो गया. इस दौरान दिल्ली जा रही इंडिगो की एक फ्लाइट बाल-बाल ईरानी हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने से बच गई. इस बंदी के कारण कई एयरलाइंस को अपने अंतरराष्ट्रीय मार्ग बदलने या उड़ानें रद्द करने का निर्णय लेना पड़ा.
फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा के अनुसार, इंडिगो की फ्लाइट 6E1808, जो जॉर्जिया के त्बिलिसी से उड़ान भर रही थी, गुरुवार को लगभग 2.35 बजे ईरान के ऊपर से गुजरी. यह समय ईरान के हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंध लागू होने से केवल कुछ मिनट पहले का था. माना जा रहा है कि यह विमान ईरानी नोटिस टू एयरमेन (NOTAM) जारी होने से पहले वहां मौजूद आखिरी विदेशी यात्री विमान था. इसके बाद लगभग चार घंटे तक अधिकांश अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की आवाजाही रोक दी गई.
ईरान का हवाई क्षेत्र पूर्व-पश्चिम अंतरराष्ट्रीय मार्गों के लिए महत्वपूर्ण है. इस बंदी के कारण एयरलाइंस ने मार्ग बदलकर उत्तर या दक्षिण की दिशा अपनाई. स्थिति सामान्य होने के बाद सुबह 7 बजे के बाद कई घरेलू उड़ानें फिर से संचालित हुईं. सेफएयरस्पेस जैसी वेबसाइट्स ने चेतावनी दी कि हवाई क्षेत्र की अचानक बंदी सुरक्षा या सैन्य गतिविधियों का संकेत हो सकती है, जिससे नागरिक विमानों के लिए खतरा बढ़ जाता है.
ईरान के हवाई क्षेत्र बंद होने से एयर इंडिया, इंडिगो और स्पाइसजेट जैसी एयरलाइंस की कई उड़ानों पर असर पड़ा. एयर इंडिया को दिल्ली-न्यूयॉर्क (एआई 101), दिल्ली-नेवार्क (एआई 105) और मुंबई-जेएफके (एआई 119) जैसी उड़ानें रद्द करनी पड़ीं. इंडिगो की बाकू-दिल्ली फ्लाइट को अजरबैजान लौटना पड़ा क्योंकि उसका मार्ग ईरान के ऊपर से गुजर रहा था. एयरलाइंस ने यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए वैकल्पिक मार्ग अपनाए और प्रभावित उड़ानों के लिए रद्द करने का निर्णय लिया.
लुफ्थांसा सहित अन्य अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस भी प्रभावित हुईं. लुफ्थांसा ने तेल अवीव और अम्मान के लिए अपनी उड़ानों के संचालन में बदलाव किया और ईरान तथा इराक के हवाई क्षेत्र से बचकर उड़ान भरने का निर्णय लिया.
एयरलाइंस ने यात्रियों को अपनी उड़ानों की स्थिति जांचने और समय पर जानकारी लेने की सलाह दी. इंडिगो और स्पाइसजेट ने स्पष्ट किया कि यात्रियों और चालक दल की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है. First Updated : Thursday, 15 January 2026