महाराष्ट्र: ओला, उबर और रैपिडो जैसी बाइक टैक्सी सेवाओं का इस्तेमाल करने वाले लाखों लोगों के लिए बड़ी खबर सामने आई है. महाराष्ट्र सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए गूगल और एप्पल को इन तीनों राइड-हैलिंग ऐप्स को अपने ऐप स्टोर से हटाने का निर्देश दिया है. सरकार का आरोप है कि ये कंपनियां राज्य में नियमों का उल्लंघन करते हुए अवैध रूप से बाइक टैक्सी सेवाएं चला रही हैं.
सरकार का कहना है कि यात्रियों, खासकर महिलाओं की सुरक्षा को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता. इसी वजह से महाराष्ट्र साइबर विभाग ने कानूनी कार्रवाई शुरू करते हुए गूगल और एप्पल को नोटिस जारी किया है. हालांकि फिलहाल ओला, उबर और रैपिडो तीनों ऐप्स प्ले स्टोर और ऐप स्टोर पर उपलब्ध हैं.
महाराष्ट्र साइबर विभाग ने 15 मई को आईटी एक्ट की धारा 79(3)(b) के तहत गूगल और एप्पल को कानूनी नोटिस जारी किया. इस नोटिस में दोनों कंपनियों को अपने प्लेटफॉर्म से ओला, उबर और रैपिडो ऐप्स हटाने और यूजर्स की पहुंच रोकने का निर्देश दिया गया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक नोटिस में यह भी चेतावनी दी गई है कि अगर आदेश का पालन नहीं किया गया, तो संबंधित कंपनियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
रिपोर्ट्स के अनुसार महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने कहा कि ये कंपनियां परिवहन विभाग और मोटर व्हीकल एक्ट के नियमों का पालन किए बिना पैसेंजर ट्रांसपोर्ट सेवाएं चला रही हैं. उनका आरोप है कि इन ऐप्स के जरिए चल रही बाइक टैक्सी सेवाओं के लिए आवश्यक सरकारी मंजूरी भी नहीं ली गई है.
सरकार के मुताबिक इन प्लेटफॉर्म्स पर ड्राइवर्स के वेरिफिकेशन, इंश्योरेंस सुरक्षा और इमरजेंसी रिस्पॉन्स सिस्टम जैसी जरूरी व्यवस्थाओं में गंभीर कमी देखी गई है. हाल ही में एक बाइक टैक्सी दुर्घटना में महिला यात्री की मौत का मामला भी सामने आया था. इसके अलावा महिलाओं के साथ बदसलूकी के कई मामलों ने भी सरकार की चिंता बढ़ाई है.
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाइक ने साफ कहा कि सरकार के लिए रोजगार से ज्यादा जरूरी महिलाओं की सुरक्षा है. राज्य सरकार का रुख है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले ऐप्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई जरूरी है, ताकि अवैध बाइक टैक्सी कारोबार को पूरी तरह रोका जा सके. First Updated : Sunday, 17 May 2026