महाराष्ट्र में राजनीतिक इतिहास रचा जा रहा है, जहां पहली बार एक महिला को उपमुख्यमंत्री का पद सौंपा जाएगा. सुनेत्रा पवार आज शाम इस महत्वपूर्ण भूमिका की शपथ लेंगी, जो उनके पति और पूर्व उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की विमान दुर्घटना में मौत के कुछ दिनों बाद लिया गया फैसला है. वर्तमान में राज्यसभा सांसद के रूप में कार्यरत सुनेत्रा पवार अब महाराष्ट्र की राजनीति में एक नई अध्याय की शुरुआत कर रही हैं, जो पवार परिवार की विरासत को आगे बढ़ाने का प्रतीक है.
यह विकास राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के अजीत गुट में नेतृत्व के संकट को दूर करने की दिशा में एक कदम है. सुनेत्रा पवार की नियुक्ति से बारामती क्षेत्र और पवार परिवार का प्रभाव बरकरार रहेगा, जबकि पार्टी के वरिष्ठ नेता इस पर एकमत हैं.
शपथ ग्रहण समारोह आज शाम लगभग 5 बजे मुंबई के राजभवन में आयोजित होगा. यह एक सरल और संक्षिप्त कार्यक्रम होगा, जिसमें ज्यादा तामझाम नहीं होगा. इससे पहले दोपहर 2 बजे एनसीपी के विधायकों की बैठक होगी, जहां सुनेत्रा पवार को विधायक दल का नेता चुना जाएगा. इस चुनाव के बाद ही शाम की शपथ का मार्ग प्रशस्त होगा. एनसीपी के प्रमुख नेता जैसे छगन भुजबल, प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे और धनंजय मुंडे ने इस निर्णय पर अपनी सहमति व्यक्त की है.
अजीत पवार के निधन से एनसीपी में नेतृत्व और पार्टी में परिवार के किसी सदस्य को आगे लाने पर विचार चल रहा था, ताकि बारामती और पवार परिवार का प्रभुत्व कायम रहे. वरिष्ठ नेताओं ने सुनेत्रा पवार के नाम पर सर्वसम्मति जताई है, क्योंकि वे लंबे समय से पार्टी और स्थानीय कार्यों में सक्रिय रही हैं. एनसीपी नेताओं ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की और उन्हें इस फैसले से अवगत कराया. फडणवीस ने कहा कि भाजपा और पूरी सरकार पवार परिवार के साथ है और मुश्किल वक्त में साथ खड़ी रहेगी. इसके अतिरिक्त, एनसीपी के अजीत गुट और शरद पवार गुट के विलय की चर्चाएं चल रही हैं. हाल के स्थानीय निकाय चुनावों में दोनों ने एक ही चिह्न पर साथ चुनाव लड़ा था. लेकिन विलय का अंतिम निर्णय परिवार और एनडीए के संबंधों को ध्यान में रखकर लिया जाएगा.
सुनेत्रा पवार 63 वर्ष की हैं और एक राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखती हैं. सुनेत्रा के पिता महाराष्ट्रा के पूर्व कैबिनेट और लोकसभा सांसद रह चुके हैं. वे धाराशिव की निवासी हैं. विवाह के बाद बारामती में अजीत पवार के साथ मिलकर उन्होंने व्यापक कार्य किया है. 2024 के लोकसभा चुनाव में उन्होंने बारामती से सुप्रिया सुले के विरुद्ध एनसीपी की ओर से चुनाव लड़ा, लेकिन हार गई. वर्तमान में वे राज्यसभा सदस्य हैं. उपमुख्यमंत्री बनने के बाद उन्हें राज्यसभा सदस्यता त्यागनी पड़ सकती है और बारामती विधानसभा सीट से उपचुनाव लड़ना होगा. First Updated : Saturday, 31 January 2026