नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को खुद सामने आकर विदेश यात्रा पर टैक्स लगाने की खबरों को खारिज कर दिया। उन्होंने साफ कहा कि सरकार का ऐसा कोई इरादा नहीं है और ये अटकलें बेबुनियाद हैं।
CNBC-TV18 की एक रिपोर्ट में दावा किया गया था कि केंद्र सरकार कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और पश्चिम एशिया के तनाव के कारण राजकोषीय दबाव कम करने के लिए विदेश यात्रा पर अस्थायी लेवी लगाने पर सोच रही है। पीएम मोदी ने X पर पोस्ट करके तुरंत इसका खंडन किया। उन्होंने लिखा, "यह पूरी तरह से गलत है। इसमें ज़रा भी सच्चाई नहीं है। विदेश यात्रा पर इस तरह की पाबंदियां लगाने का कोई सवाल ही नहीं उठता।"
पीएम के बयान के बाद CNBC-TV18 ने अपनी खबर वापस ले ली। चैनल ने X पर माफी मांगते हुए कहा, "विदेश यात्रा पर टैक्स लगाने से जुड़ी हमारी खबर सही नहीं है। हम इस खबर को वापस लेते हैं और इस गलती पर खेद व्यक्त करते हैं।"
पीएम मोदी ने कहा कि सरकार का फोकस नई पाबंदियां लगाने पर नहीं है। इसके उलट सरकार नागरिकों और कारोबारियों पर बोझ घटाने के लिए काम कर रही है। उन्होंने लिखा, "हम अपने लोगों के लिए ईज़ ऑफ डूइंग बिज़नेस और ईज़ ऑफ लिविंग को बेहतर बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"
दरअसल, मध्य पूर्व में तनाव और कच्चे तेल के दाम बढ़ने से चिंता बढ़ी थी। भारत अपनी जरूरत का 85 प्रतिशत से ज्यादा कच्चा तेल आयात करता है। इसी वजह से बाजार में ये चर्चा चल पड़ी कि सरकार राजस्व बढ़ाने के लिए विदेश यात्रा पर सरचार्ज लगा सकती है।
पीएम मोदी इन दिनों पांच देशों की यात्रा पर हैं। शुक्रवार को उन्होंने UAE के राष्ट्रपति से मुलाकात की। इस दौरान भारत और UAE ने रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार पर MoU साइन किया। इसका मकसद तेल बाजार की उठापटक और सप्लाई में रुकावट के बीच भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत करना है। अभी अबू धाबी नेशनल ऑयल कंपनी ही एकमात्र विदेशी कंपनी है जो भारत के भूमिगत भंडारों में कच्चा तेल रखती है। नया समझौता इस साझेदारी को और गहरा करेगा। इससे भारत को भरोसेमंद सप्लाई मिलेगी और UAE को लंबी अवधि का बाजार मिलेगा। First Updated : Friday, 15 May 2026