नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऊर्जा बचत और संसाधनों के संतुलित उपयोग की अपील के बाद उत्तर प्रदेश की योगी सरकार एक्शन मोड में नजर आ रही है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बदलते वैश्विक हालात और बढ़ती ऊर्जा जरूरतों को देखते हुए प्रदेश में कई बड़े फैसले लेने के निर्देश दिए हैं. इनमें सबसे बड़ा फैसला बड़े औद्योगिक संस्थानों, स्टार्टअप्स और अधिक कर्मचारियों वाली कंपनियों में सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम लागू करने की दिशा में एडवाइजरी जारी करना है.
मुख्यमंत्री ने उच्चस्तरीय मीटिंग में मुख्य सचिव, डीजीपी, अपर मुख्य सचिवों और प्रमुख सचिवों के साथ समीक्षा करते हुए कहा कि प्रदेश को आने वाली चुनौतियों के लिए अभी से तैयार रहना होगा. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान को जनभागीदारी के जरिए व्यवहारिक रूप से लागू करने पर जोर दिया.
सीएम योगी ने औद्योगिक विकास विभाग और आईआईडीसी को निर्देश दिए कि बड़े औद्योगिक संस्थानों, आईटी कंपनियों और स्टार्टअप्स को वर्क फ्रॉम होम मॉडल अपनाने के लिए प्रेरित किया जाए. सरकार की योजना है कि जिन संस्थानों में बड़ी संख्या में कर्मचारी काम करते हैं, वहां सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम की व्यवस्था लागू करने की सिफारिश की जाए. इससे ट्रैफिक का दबाव कम होगा, ईंधन की बचत होगी और प्रदूषण नियंत्रण में भी मदद मिलेगी.
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बदलाव की शुरुआत सरकार से होनी चाहिए. उन्होंने मंत्रियों, सांसदों, विधायकों और अन्य जनप्रतिनिधियों से सप्ताह में कम से कम एक दिन सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने की अपील की. इसके साथ ही सप्ताह में एक दिन नो व्हीकल डे” मनाने का सुझाव भी दिया गया. मुख्यमंत्री ने कहा कि इस अभियान में सरकारी कर्मचारियों, छात्रों और समाज के विभिन्न वर्गों को भी जोड़ा जाए.
मीटिंग में मुख्यमंत्री ने मुख्यमंत्री और मंत्रियों के काफिलों में तत्काल 50 प्रतिशत तक कटौती करने के निर्देश दिए. उन्होंने कहा कि अनावश्यक वाहनों को सरकारी फ्लीट से हटाया जाए ताकि ईंधन की बचत हो सके और जनता के बीच सकारात्मक संदेश जाए.
सीएम योगी ने सरकारी बैठकों, सेमिनार, वर्कशॉप और कॉन्फ्रेंस को अधिक से अधिक ऑनलाइन माध्यम से आयोजित करने पर जोर दिया. उन्होंने निर्देश दिए कि राज्य सचिवालय और निदेशालय की 50 प्रतिशत आंतरिक बैठकें वर्चुअल मोड में की जाएं. शिक्षा विभाग को भी स्कूलों और कॉलेजों की बैठकों व सेमिनारों को डिजिटल माध्यम से आयोजित करने को कहा गया है.
मुख्यमंत्री ने कहा कि बड़े शहरों में ट्रैफिक जाम और ईंधन खपत कम करने के लिए कार्यालयों के समय को अलग-अलग बैचों में बांटने पर काम किया जा सकता है. सरकार खासतौर पर उन शहरों में इस व्यवस्था पर विचार कर रही है, जहां पीक ऑवर के दौरान सड़कों पर अत्यधिक दबाव रहता है.
सीएम योगी ने निर्देश दिए कि जिन शहरों में मेट्रो सेवा उपलब्ध है, वहां लोग उसका अधिकतम उपयोग करें. इसके साथ ही कार पूलिंग, साइक्लिंग और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया. भीड़भाड़ वाले रूटों पर रोडवेज बसों और सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को बढ़ाने के निर्देश भी जारी किए गए हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूल और कॉलेजों में निजी वाहनों के बजाय स्कूल बसों के उपयोग को प्रोत्साहित किया जाए. जरूरत पड़ने पर परिवहन निगम की बसों को भी स्कूलों से जोड़ने की योजना पर विचार किया जाएगा. सरकार का मानना है कि इससे ट्रैफिक का दबाव कम होगा और बच्चों की यात्रा अधिक सुरक्षित बनेगी.
सीएम योगी ने प्रदेशवासियों से बिजली की बचत करने की अपील की. उन्होंने कहा कि सरकारी भवनों, निजी संस्थानों और घरों में अनावश्यक बिजली खर्च रोका जाए. मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि रात 10 बजे के बाद व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स और निजी प्रतिष्ठानों में सजावटी लाइटों का न्यूनतम उपयोग किया जाए.
मुख्यमंत्री ने लोगों से अगले छह महीने तक गैर जरूरी विदेशी यात्राएं टालने की अपील की. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं और लोगों को अपने ही राज्य के पर्यटन स्थलों को प्राथमिकता देनी चाहिए. उन्होंने हेरिटेज साइट्स, किलों, ईको टूरिज्म स्थलों और धार्मिक जगहों को डेस्टिनेशन वेडिंग के लिए बेहतर विकल्प बताया.
सीएम योगी ने कहा कि त्योहारों, शादियों और सरकारी आयोजनों में स्थानीय उत्पादों और हस्तशिल्प को बढ़ावा दिया जाए. उन्होंने निर्देश दिए कि राज्य सरकार की ओर से दिए जाने वाले उपहारों में ODOP और GI टैग वाले उत्पादों को शामिल किया जाए.
मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों से खाद्य तेल का उपयोग कम करने की अपील की. उन्होंने कहा कि यह स्वास्थ्य सुधार, घरेलू बचत और आयात पर निर्भरता कम करने के लिए जरूरी है. स्वास्थ्य विभाग को पोषण जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं. स्कूलों, कॉलेजों, अस्पतालों और सरकारी कैंटीनों में भी कम तेल वाले भोजन को बढ़ावा दिया जाएगा.
मुख्यमंत्री ने प्रशासनिक अधिकारियों को होटल, ढाबा, रेस्तरां और स्ट्रीट फूड यूनियनों के साथ बैठक कर कम तेल वाले खाद्य पदार्थों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए. इसके अलावा कृषि विभाग को प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने और गोशालाओं में मौजूद गोवंश के गोबर के बेहतर उपयोग पर काम करने को कहा गया है.
सीएम योगी ने प्रदेश में पीएनजी नेटवर्क के तेजी से विस्तार और पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत रूफटॉप सोलर को बढ़ावा देने के निर्देश दिए. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बदलती वैश्विक परिस्थितियों में संसाधनों का संतुलित उपयोग बेहद जरूरी हो गया है. उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान को जनआंदोलन बनाने की अपील की. First Updated : Wednesday, 13 May 2026