रूस से तेल नहीं खरीदें...तुर्की राष्ट्रपति से डोनाल्ड ट्रंप ने लगाई गुहार, बोले- पुतिन और जेलेंस्की दोनों आपका सम्मान करते हैं

Trump Erdogan Meeting : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तुर्की के राष्ट्रपति एर्दोगन से मुलाकात में आग्रह किया कि जब तक रूस यूक्रेन में युद्ध जारी रखता है, तुर्की को रूस से तेल और गैस नहीं खरीदनी चाहिए. ट्रंप ने एर्दोगन को पुतिन और जेलेंस्की के बीच एक सम्मानित मध्यस्थ बताया और कहा कि उनके पास युद्ध को समाप्त करने की क्षमता है. यह मुलाकात ओवल ऑफिस में हुई, जो 2019 के बाद पहली थी.

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Trump Erdogan Meeting : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को एक अहम कूटनीतिक मुलाकात के दौरान तुर्की के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन से रूस पर दबाव बनाने की अपील की है. यह बैठक वॉशिंगटन डीसी स्थित ओवल ऑफिस में हुई, जो 2019 के बाद एर्दोगन की पहली आधिकारिक अमेरिका यात्रा है. इस बैठक में ट्रंप ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए स्पष्ट तौर पर कहा कि जब तक रूस यूक्रेन में युद्ध जारी रखता है, तब तक एर्दोगन को रूस से तेल और गैस खरीदने से परहेज करना चाहिए.

रूस पर आर्थिक दबाव बनाना प्रभावी कदम 
ट्रंप ने कहा कि रूस के खिलाफ आर्थिक दबाव बनाना ही युद्ध को खत्म करने की दिशा में सबसे प्रभावी कदम हो सकता है. उन्होंने जोर देकर कहा, "मैं चाहता हूं कि एर्दोगन रूस से तेल खरीदना बंद करें. यह उनके लिए भी बेहतर होगा और वैश्विक स्थिरता के लिए भी जरूरी है." यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिमी देशों द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों के बावजूद रूस ने ऊर्जा निर्यात के जरिए अपनी अर्थव्यवस्था को बनाए रखा है. ट्रंप का मानना है कि तुर्की जैसे देश यदि रूस से ऊर्जा आयात बंद करते हैं, तो युद्ध खत्म करने के लिए रूस पर निर्णायक दबाव पड़ेगा.

एर्दोगन की भूमिका पर ट्रंप को भरोसा
डोनाल्ड ट्रंप ने यह भी कहा कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की, दोनों ही एर्दोगन का सम्मान करते हैं. ट्रंप का मानना है कि यदि एर्दोगन चाहें, तो रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे इस लंबे संघर्ष को समाप्त करने में उनकी भूमिका बेहद अहम हो सकती है. ट्रंप ने एर्दोगन को एक प्रभावशाली मध्यस्थ के रूप में प्रस्तुत किया और उन्हें वैश्विक शांति की दिशा में काम करने की सलाह दी.

राजनीतिक और आर्थिक संदेश
इस मुलाकात का संदेश केवल द्विपक्षीय संबंधों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसका स्पष्ट मकसद रूस को आर्थिक रूप से अलग-थलग करना और उसके ऊर्जा निर्यात को सीमित करना भी है. ट्रंप की यह रणनीति उस व्यापक प्रयास का हिस्सा मानी जा सकती है, जिसमें अमेरिका और उसके सहयोगी देश रूस पर यूक्रेन युद्ध समाप्त करने के लिए आर्थिक दबाव डालने की नीति अपना रहे हैं.

इसके साथ ही, ट्रंप ने यह भी दर्शाया कि अमेरिका यह उम्मीद करता है कि नाटो के सदस्य देश और अन्य सहयोगी रूस के साथ अपने आर्थिक संबंधों की समीक्षा करें और ज़रूरत पड़ने पर कड़े निर्णय लें. First Updated : Thursday, 25 September 2025