लाइफ स्टाइल न्यूज. अमेरिका के अर्कांसस राज्य में रहने वाले भारतीय कपिल रघु का अमेरिकी सपना अचानक बिखर गया। वे रोज़ की तरह अपने घर से निकले थे लेकिन रूटीन ट्रैफिक चेक में उनकी ज़िंदगी बदल गई। पुलिस ने उनकी कार की जांच की और एक डिज़ाइनर परफ्यूम की बोतल देखी। बोतल पर “Opium” लिखा था जिसे पुलिस ने ड्रग यानी अफीम समझ लिया। कपिल बार-बार समझाते रहे कि यह खुशबू है, नशीला पदार्थ नहीं, लेकिन किसी ने उनकी बात पर ध्यान नहीं दिया।
इस गलतफहमी ने कपिल को सीधे जेल पहुँचा दिया। पुलिस ने बिना देर किए उन्हें गिरफ्तार कर लिया। तीन दिन तक उन्होंने जेल की सलाखों के पीछे वक्त बिताया। परिवार वाले हैरान थे और कपिल खुद सदमे में थे। बाद में जब बोतल जांच के लिए भेजी गई तो साबित हुआ कि यह वाकई परफ्यूम था। लेकिन तब तक कपिल की इज़्ज़त और उनका चैन दोनों छिन चुके थे। मासूम होने के बावजूद उन्हें अपराधी की तरह ट्रीट किया गया।
कपिल ने एक अमेरिकी महिला से शादी की थी और लंबे समय से नागरिकता पाने की कोशिश कर रहे थे। उनका मानना था कि जल्द ही वे अमेरिकी नागरिक बन जाएंगे। लेकिन इस घटना ने सब कुछ बदल दिया। पुलिस के बॉडीकैम फुटेज में साफ़ सुना जा सकता है कि अफसर बोतल को अफीम कह रहे हैं। कपिल लाख समझाते रहे लेकिन उनकी एक नहीं सुनी गई। यह घटना इस बात का उदाहरण है कि एक छोटी सी गलती इंसान का भविष्य कैसे बर्बाद कर देती है।
जेल से बाहर आने के बाद भी कपिल की मुश्किलें खत्म नहीं हुईं। अमेरिकी इमीग्रेशन ने उनका वीज़ा रद्द कर दिया। इसका मतलब है कि अब वे कानूनी रूप से अमेरिका में नहीं रह सकते। उन पर डिपोर्टेशन का खतरा मंडरा रहा है। कपिल के वकील का कहना है कि वीज़ा से जुड़ी दिक्कतें उनके पिछले वकील की गलती की वजह से हुईं। लेकिन इन सबका खामियाज़ा कपिल को भुगतना पड़ रहा है।
कपिल की अमेरिकी पत्नी एशले मेस ने बताया कि इस केस ने उनकी ज़िंदगी भी उलट दी है। सारे पैसे वकीलों की फीस में खत्म हो गए। अब घर चलाने और केस लड़ने के लिए उन्हें तीन-तीन नौकरियां करनी पड़ रही हैं। एशले का कहना है कि उनके पति निर्दोष हैं और सिस्टम की गलती की वजह से वे फंसे हैं। उन्होंने कहा कि वे अपने पति को किसी भी हाल में बचाना चाहती हैं लेकिन लड़ाई बेहद कठिन है।
इस मामले ने अमेरिकी पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच रिपोर्ट ने साफ कर दिया कि बोतल में ड्रग नहीं बल्कि परफ्यूम था। बावजूद इसके कपिल को गिरफ्तार किया गया और जेल में डाला गया। कई लोग पूछ रहे हैं कि क्या भारतीय मूल होने की वजह से कपिल को आसान निशाना बनाया गया। भारतीय समुदाय भी इसे नस्लीय भेदभाव से जोड़कर देख रहा है।
आज कपिल की कहानी हर भारतीय प्रवासी के लिए चेतावनी है। वे डरे हुए हैं कि कहीं उनके साथ भी ऐसी गलती न हो जाए। कपिल की ज़िंदगी पर डिपोर्टेशन की तलवार लटक रही है। न वे अमेरिका में चैन से रह सकते हैं, न ही भारत लौटने का साहस जुटा पा रहे हैं। अब सबकी नज़र इस बात पर है कि अदालत और इमीग्रेशन अथॉरिटी कपिल को राहत देती है या नहीं।
First Updated : Tuesday, 07 October 2025