पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार, 7 अक्टूबर को सिलीगुड़ी के एक निजी अस्पताल में भाजपा सांसद खगेन मुर्मू से मुलाकात की. मुर्मू पर उत्तरी बंगाल के बाढ़ और भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों का दौरा करने के दौरान नागरकाटा में हमला हुआ था, जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया. इस दौरान मुख्यमंत्री ने उन्हें राज्य सरकार की ओर से हर संभव मदद का आश्वासन दिया.
मुलाकात के दौरान बनर्जी अस्पताल में दाखिल होते हुए डॉक्टरों से बातचीत करती दिखाई दीं और मुर्मू के स्वास्थ्य की जानकारी ली. उन्होंने पत्रकारों से कहा कि सांसद का ब्लड शुगर लेवल बढ़ा हुआ है और इसे नियंत्रित करने की आवश्यकता है. उन्होंने मुर्मू के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना भी की.
हमले की जानकारी देते हुए बताया गया कि सोमवार को आपदा प्रभावित क्षेत्र में स्थानीय निवासियों से बातचीत के दौरान कुछ उपद्रवियों ने मुर्मू पर हमला किया. इस घटना में भाजपा विधायक शंकर घोष भी घायल हुए. मुख्यमंत्री बनर्जी ने कहा कि किसी गंभीर चोट की सूचना नहीं है, मुर्मू निगरानी में हैं और उनके कान के पीछे हल्की चोट आई है.
मुलाकात के दौरान बनर्जी ने मुर्मू के परिवार से भी बातचीत की और उनकी चोटों, दवाओं और स्वास्थ्य स्थिति के बारे में विस्तार से जानकारी ली. उन्होंने हल्के लहजे में पूछा कि क्या मुर्मू नियमित रूप से इंसुलिन और दवाइयां ले रहे हैं. बनर्जी ने कहा कि अगर किसी और चिकित्सा सहायता की जरूरत हो, तो उन्हें अवगत कराया जाए. हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि उन्होंने शंकर घोष से मुलाकात की या नहीं.
इस हमले ने राजनीतिक विवाद को जन्म दिया. भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस पर हमले की साजिश रचने का आरोप लगाया, जबकि टीएमसी ने पलटवार करते हुए कहा कि भाजपा नेता राहत कार्यों की बजाय सिर्फ “तस्वीर खिंचवाने” में लगे थे. पश्चिम बंगाल भाजपा ने मुख्यमंत्री के इस कदम को शिष्टाचार भेंट के रूप में स्वीकार किया, लेकिन हमले के 24 घंटे बाद भी किसी की गिरफ्तारी नहीं होने पर असंतोष जताया. प्रदेश भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने कहा कि अपराधी अभी भी खुलेआम घूम रहे हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हमले की निंदा की और इसे राज्य में कानून-व्यवस्था की विफलता बताया.
इस बीच, बनर्जी ने प्रधानमंत्री पर पलटवार किया और उन्हें प्राकृतिक आपदा का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाया. उत्तर बंगाल में भारी बारिश के बाद आई बाढ़ और भूस्खलन में अब तक 30 लोग मारे गए हैं और कई लापता हैं. मुर्मू और घोष पर हमले ने टीएमसी और भाजपा के बीच राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता और तेज कर दी है, जबकि प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य जारी हैं. First Updated : Tuesday, 07 October 2025