जुम्मा...जुम्मा 4 दिन फिर क्यों हड़बड़ी में CM बने हेमंत सोरेन? जानें डर के 5 कारण

Jharkhand Politics: झारखंड में कुछ महीनों बाद विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. ऐसे में 5 महीने जेल में बिताकर आए हेमंत सोरेन फिर से मुख्यमंत्री पद का शपथ ले लिया है. अब सवाल उठता है कि उनके सामने ऐसा कौन से डर या मजबूरी है जो वो चंपई सोरेन का छोटा सा कार्यकाल पूरा होने से पहले सिंहासन पर बैठ रहे हैं. आइये जानें वो 5 कारण

Shyamdatt Chaturvedi
Shyamdatt Chaturvedi

Jharkhand Politics: 5 महीने जेल में रहने के बाद हेमंत सोरेन 28 जून को जेल से बाहर आए. उसके बाद वो अब एक बार फिर से राज्य के मुख्यमंत्री बन गए है. प्रदेश में चुनाव को महज कुछ महीने बचे हैं ऐसे में सवाल उठता है कि ऐसा क्या है जो सोरेन इतनी हड़बड़ी में CM बनना चाहते हैं. उनको ऐसा कौन सा डर है या क्या उनकी मजबूरी है जो चंपई सोरेन का एक छोटा सा कार्यकाल नहीं हो पाया. आइये जानें वो कारण जिनकी वजह से हेमंत फिर सत्ता के सिंहासन में बैठने जा रहे हैं.

हेमंत सोरेन को ED ने 31 जनवरी, 2024 को लैंड माइंस केस में गिरफ्तार कर लिया था. इसके बाद झारखंड में सियासी संकट आया कि अब राज्य का कमान कौन संभालेगा. ऐसे में JMM ने चंपई सोरेन पर भरोसा जताया और उन्हें CM बना दिया गया. अब उन्हें पद से हटाकर हेमंत सोरेन फिर से मुख्यमंत्री बन रहे हैं.

डर के 5 कारण

  1. पार्टी में न बने गुट
  2. विधानसभा चुनाव निशाना
  3. सिंपैथी न हो जाए कम
  4. मुश्किल न हो कल्पना की राह
  5. गठबंधन न छोड़ दे साथ

पार्टी में न बने गुट

JMM और हेमंत सोरेन को अच्छे से पता है कि कार्यकर्ता उनके नाम पर एक हैं. हालांकि, प्रदेश और सरकार से कुछ समय तक दूर रहने में इस बात का डर भी आ रहा है कि पावर में आने के बाद लीडर पार्टी के भीतर अपना गुट न बना लें. हेमंत सोरेन इसी कारण चाहते हैं कि वो फिर से मुख्यमंत्री बन जाएं और पार्टी को युनाइटेड रख पाएं.

विधानसभा चुनाव निशाना

प्रदेश में कुछ समय बाद विधानसभा के चुनाव होने हैं. राज्य में वोटर हेमंत सोरेन के नाम पर ही वोट करते हैं. ऐसे में CM की कुर्सी पर किसी और के बैठने से पब्लिक में ये मैसेज जा सकता है कि सोरेन कमजोर हो गए हैं और चुनाव के बाद कोई और ही CM होगा. हेमंत चुनाव से पहले ऐसा कोई मौका नहीं लेना चाहते. इस कारण वो मुख्यमंत्री बन ये संदेश दे रहे हैं कि पावर उन्हीं के हाथ में है.

सिंपैथी न हो जाए कम

हेमंत सोरेन के जेल जाने से कार्यकर्ताओं और मतदाताओं में सिंपैथी क्रिएट हुई है. बड़ी संख्या में लोग ये मान रहे हैं कि उनके साथ गलत हुआ है. अगर हेमंत सोरेन CM की कुर्सी से दूरी बनाते हैं तो उनका संदेश फीका पड़ सकता है. इस कारण वो चाहते हैं कि CM बनकर वो इस सिंपैथी को बनाए रखें और इसका विधानसभा चुनाव में फायदा लें.

मुश्किल न हो कल्पना की राह

हेमंत सोरेन अभी भले जेल से बाहर आ गए हैं लेकिन इस बात की आशंका अभी भी है कि एजेंसी उन्हें गिरफ्तार कर सकती है. लोगों के बीच परिवारवाद से बचने के लिए उन्होंने एक बार किसी और को मुख्यमंत्री बना दिया. अब अगर उनकी गिरफ्तारी होती है तो वो चाहेंगे कि कल्पना सोरेन को CM बनाया जाए. ऐसे में अगर अभी कोई और कुर्सी पर बैठ गया या बैठा रहा तो कल्पना की राह मुश्किल हो सकती है.

गठबंधन न छोड़ दे साथ

झारखंड में गठबंधन हेमंत सोरेन के चेहरे पर बना है. ऐसे में उनके जेल से बाहर आने के बाद से ही CM बनने का दबाव है. अगर हेमंत सोरेन लंबे समय तक कुर्सी से दूर रहते तो गठबंधन में नाराजगी हो सकती थी. JMM चुनाव से ठीक पहले ऐसा कुछ नहीं चाहती है.

चंपई सोरेन नाराज

28 जून को झारखंड मुक्ति मोर्चा (Jharkhand Mukti Morcha) के नेता और झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन जेल से रिहा हो गए थे. उसके बाद वो 5 दिन के भीतर ही CM बनने के फैसले तक पहुंच गए. रांची में बुधवार को जेएमएम, कांग्रेस और राजद की बैठक हुई थी. इसमें सर्वसम्मति से हेमंत सोरेन को फिर गठबंधन के विधायक दल का नेता चुन लिया गया था. बताया जा रहा है चंपई सोरेन इससे नाराज हैं. हालांकि, उन्होंने अपनी तरफ से ऐसा कहा नही हैं.

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04 July 2024, 10:11 AM IST

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