बरेली: उत्तर प्रदेश के बरेली में दहेज की कुप्रथा ने एक बार फिर इंसानियत और रिश्तों को शर्मसार कर दिया. यहां शुक्रवार देर रात शादी के मंडप में उस वक्त हंगामा मच गया, जब दूल्हा और उसके परिजनों ने सात फेरे से ठीक पहले ब्रेजा कार और 20 लाख रुपये नकद की मांग रख दी. मांग पूरी न होने पर वर पक्ष ने शादी से इनकार कर दिया. मामला इतना बढ़ा कि पुलिस मौके पर पहुंची और दूल्हे को फेरों की जगह हवालात जाना पड़ा.
यह घटना कैंट थाना क्षेत्र स्थित युगवीणा की है, जहां बारात पूरे धूमधाम से पहुंची थी. वधू पक्ष ने पारंपरिक तरीके से बारात का स्वागत किया, लेकिन शादी की रस्में शुरू होने से पहले ही माहौल तनावपूर्ण हो गया. आरोप है कि दूल्हा और उसके परिवार वाले कार और मोटी रकम की मांग पर अड़ गए. वधू पक्ष ने असमर्थता जताई तो विवाद ने उग्र रूप ले लिया.
कैंट के सदर बाजार निवासी मुरली मनोहर की बेटी ज्योति की शादी करीब आठ महीने पहले प्रेमनगर थाना क्षेत्र के नई बस्ती निवासी ऋषभ, पुत्र राम अवतार, के साथ तय हुई थी. मई महीने में एक बड़े होटल में सगाई हुई थी, जिस पर लड़की पक्ष ने करीब तीन लाख रुपये खर्च किए थे. इस दौरान दूल्हे को सोने की अंगूठी, चेन और पांच लाख रुपये नकद दिए गए थे.
गुरुवार को लग्न के दौरान भी लड़की पक्ष ने एसी, फ्रिज, वाशिंग मशीन और शगुन के तौर पर 1.20 लाख रुपये नकद दिए. इसके बावजूद लालच की भूख शांत नहीं हुई.
शुक्रवार देर रात फेरों से ठीक पहले दूल्हा पक्ष ने 20 लाख रुपये नकद और ब्रेजा कार की मांग दोहराई. जब कार तुरंत न मिलने की बात कही गई तो कार की कीमत के बराबर नकद रकम की मांग शुरू कर दी गई. आधी रात तक चले इस विवाद के बाद वर पक्ष ने बारात वापस ले जाने की कोशिश की.
सूचना मिलने पर कैंट पुलिस मौके पर पहुंची और दूल्हा ऋषभ, उसके पिता राम अवतार और जीजा को हिरासत में ले लिया. वधू पक्ष का आरोप है कि शादी तय कराने वाले व्यक्ति ने भी उन्हें गुमराह किया. लड़की पक्ष ने बताया कि शादी की तैयारियों में करीब 15 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं और रस्मों में भी सोने के जेवर और नकदी दी गई.
पुलिस का कहना है कि तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है और पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है. यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि दहेज जैसी सामाजिक बुराई आज भी बेटियों के सपनों को तोड़ रही है. First Updated : Sunday, 14 December 2025