Union Budget हमेशा 1 फरवरी को ही क्यों पेश होता जानिए इतिहास और असली वजह


2026/01/24 15:32:15 IST

नए साल के साथ बजट पर निगाहें

    हर नए साल की शुरुआत में देश की नजरें आम बजट पर टिक जाती हैं और लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि बजट के लिए 1 फरवरी की तारीख ही क्यों चुनी गई.

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आजादी के बाद चली पुरानी परंपरा

    आजादी के बाद लंबे समय तक बजट एक तय परंपरा के तहत पेश किया जाता रहा, जिसे कई दशकों तक बिना बदलाव के अपनाया गया.

फरवरी के अंत में आता था बजट

    पहले बजट फरवरी के आखिरी दिनों में पेश होता था, जिससे वित्तीय प्रक्रियाओं में देरी होती थी.

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2017 में बड़ा बदलाव

    साल 2017 में केंद्र की मोदी सरकार ने इस पुराने सिस्टम को बदलने का फैसला किया.

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अरुण जेटली की पहल

    तत्कालीन वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बजट की तारीख फरवरी के अंत से हटाकर 1 फरवरी करने की शुरुआत की.

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बदलाव के पीछे सरकार की सोच

    सरकार का मानना था कि पहले बजट आने से योजनाओं को लागू करने के लिए अतिरिक्त समय मिल सकेगा.

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1 फरवरी से मिला समय का फायदा

    अप्रैल से शुरू होने वाले नए वित्त वर्ष से पहले बजट पेश होने पर फैसले जल्दी होते हैं और फंड जारी करने में देरी नहीं होती.

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