कब रिलीज हुई देश की पहली एडल्ट फिल्म, जिसे खुद भी नहीं देख पाई मधुबाला
1950 में हुई रिलीज
1950 में रिलीज हुई देश की पहली एडल्ट फिल्म में मधुबाला की भूमिका ने खूब सुर्खियां बटोरी थी. हालांकि इस फिल्म में कुछ सीन्स ऐसे थे जिसे खुद 16 की मधुबाला भी नहीं देख पाई थी.
Credit: Pinterestक्या था फिल्म का नाम
इस फिल्म का नाम हंसते-आंसू था, जिसे सेंसर बोर्ड द्वारा पहली बार ए सर्टिफिकेट मिला था. इस फिल्म को निर्देशन केबी लाल ने डायरेक्टर किया था.
Credit: Pinterestफिल्म की कहानी
फिल्म हंसते-आंसू की कहानी रिश्तों और फैमिली ड्रामा को लेकर थी, जिसमें पहली बार घरेलू हिंसा और पति-पत्नी के झगडे़ को दिखाया गया था. बता दें, उस दौरान फिल्म के टाइटल को भी डबल मीनिंग समझा गया था.
Credit: Pinterestकौन-कौन से अहम किरदार
फिल्म में मधुबाला के अलावा मोतीलाल, गोपी और मनोरमा जैसे कलाकार मुख्य में थे.
Credit: Pinterestडायलॉग्स पर जताई आपत्ति
कहा जाता है कि जब ये फिल्म सेंसर बोर्ड की पास पहुंची तो इसके डायलॉग्स और घरेलू हिंसा को लेकर आपत्ति जताई गई और इसे सिर्फ एडल्ट ऑडियंस को दिखाने की मंजूरी मिली, जो पहली बार हुआ था.
Credit: Pinterestक्यों फिल्म नहीं देख पाई मधुबाला
इस फिल्म की खास बात है जब ये फिल्म रिलीज हुई तब खुद मधुबाला महज 17 साल की थी और थिएटर रूल के मुताबिक वह ये फिल्म नहीं देख पाई थी. उस दौर में इस लेकर काफी कंट्रोवर्सी भी हुई थी.
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