मेंटल हेल्थ पर खुलकर बोले ये सितारे, तोड़ी चुप्पी और बदली सोच


2026/06/17 16:31:01 IST

वरुण धवन का अनुभव

    वरुण धवन ने बताया कि एक दौर में उनकी मानसिक सेहत प्रभावित हुई थी. उन्होंने डॉक्टर की मदद ली और उपचार भी कराया. अभिनेता ने कहा कि डिप्रेशन जैसे शब्दों का इस्तेमाल गंभीरता से किया जाना चाहिए.

Credit: Pinterest/@anindakhan

आलिया का थेरेपी मंत्र

    आलिया भट्ट ने बताया कि वह नियमित रूप से थेरेपी लेती हैं. उनके अनुसार, थेरेपी उन्हें अपने विचारों को व्यवस्थित करने और मानसिक रूप से बेहतर महसूस करने में मदद करती है. यह उनके लिए लगातार चलने वाली प्रक्रिया है.

Credit: Pinterest/@bollywoodbeauty2007

अनुष्का ने तोड़ी चुप्पी

    अनुष्का शर्मा ने अपनी एंग्जायटी के बारे में खुलकर बात की. उन्होंने कहा कि वह इसके लिए दवा ले रही हैं और इसमें कुछ भी गलत नहीं है. उनके मुताबिक एंग्जायटी एक जैविक समस्या है, जिसे सामान्य रूप से स्वीकार करना चाहिए.

Credit: Pinterest/@Huxleyentertain

शाहरुख का सकारात्मक नजरिया

    शाहरुख खान ने बताया कि वे खुद को सक्रिय और व्यस्त रखने की कोशिश करते हैं. उनका मानना है कि सकारात्मक सोच और काम में लगे रहना मानसिक दबाव से निपटने में मददगार साबित हो सकता है.

Credit: Pinterest/@arohisingh0287

अनन्या और ऋतिक की सीख

    अनन्या पांडे ने कहा कि एक समय वह अपनी भावनाओं को ठीक से व्यक्त नहीं कर पाती थीं, इसलिए थेरेपी का सहारा लिया. वहीं ऋतिक रोशन ने थेरेपी को अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव और आत्म-विकास का अहम हिस्सा बताया.

Credit: Pinterest/@topbloggerrr

हनी सिंह की कठिन लड़ाई

    यो यो हनी सिंह ने खुलासा किया कि वह बाइपोलर डिसऑर्डर और मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी गंभीर समस्याओं से गुजरे हैं. उन्होंने अपने संघर्षों के बारे में खुलकर बात कर लोगों को जागरूक करने का प्रयास किया.

Credit: Pinterest/@Teerath__rajput

दीपिका ने बदली सोच

    दीपिका पादुकोण ने कहा कि भारत में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर अब भी सामाजिक कलंक मौजूद है. लेकिन जब उन्होंने अपने अनुभव साझा किए, तो उन्हें मानसिक रूप से काफी राहत महसूस हुई और लोगों में जागरूकता भी बढ़ी.

Credit: Pinterest/@Superboy75

करण जौहर का संदेश

    करण जौहर ने बताया कि वह एंग्जायटी के लिए दवा लेते हैं और इस बात को स्वीकार करने में उन्हें कोई डर नहीं है. उनका मानना है कि मानसिक स्वास्थ्य पर खुलकर बातचीत करने से समाज में जागरूकता बढ़ती है.

Credit: Pinterest/@sonikakara

View More Web Stories