77वें गणतंत्र दिवस में दिखी भारत की सैन्य ताकत और सांस्कृतिक विरासत


2026/01/26 16:05:24 IST

77वें गणतंत्र दिवस की थीम

    गणतंत्र दिवस 2026 का आयोजन ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने के सम्मान में किया गया है. परेड, झांकियों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता की यह थीम प्रमुख रूप से दिखाई देगी.

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यूरोपीय संघ के ऐतिहासिक मुख्य अतिथि

    भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका को दर्शाते हुए यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डर लेयेन को मुख्य अतिथि बनाया गया है, जो ऐतिहासिक कूटनीतिक संदेश देता है.

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पहली बार ‘बैटल एरे’ प्रारूप

    भारतीय सेना ने परेड में पहली बार पारंपरिक मार्चिंग के बजाय ‘बैटल एरे’ प्रारूप पेश किया. इसमें सैनिकों और हथियारों को चरणबद्ध, वास्तविक युद्ध जैसी रणनीतिक संरचना में प्रदर्शित किया गया.

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ऑपरेशन सिंदूर की झलक

    परेड में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान इस्तेमाल किए गए अत्याधुनिक हथियारों को दिखाया गया. इसमें ब्रह्मोस, आकाश मिसाइल सिस्टम और एस-400 शामिल हैं, जो भारत की स्वदेशी रक्षा क्षमता को दर्शाते हैं.

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‘शक्तिबाण’ और सूर्यास्त्र का डेब्यू

    भारतीय सेना की आर्टिलरी शाखा ने शक्तिबाण रेजिमेंट और उन्नत रॉकेट लॉन्चर सूर्यास्त्र को पहली बार प्रस्तुत किया. इसमें ड्रोन, काउंटर-ड्रोन और लॉइटर म्यूनिशन तकनीक भी शामिल है.

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‘विविधता में एकता’ की सांस्कृतिक झलक

    करीब 2,500 कलाकारों की भागीदारी से सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए. 30 रंग-बिरंगी झांकियां ‘स्वतंत्रता का मंत्र: वंदे मातरम्’ और ‘समृद्धि का मंत्र: आत्मनिर्भर भारत’ की थीम को दर्शाती हैं.

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एआई आधारित सुरक्षा और तकनीक

    पहली बार दिल्ली पुलिस ने एआई-सक्षम स्मार्ट ग्लास का इस्तेमाल किया. इसके साथ 3,000 से अधिक हाई-डेफिनिशन सीसीटीवी कैमरों के जरिए रियल-टाइम निगरानी कर गणतंत्र दिवस समारोह को सुरक्षित बनाया गया.

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