प्रह्लाद जोशी की वो खास कार, जिसे देखकर संसद में हर कोई रह गया था हैरान
प्रह्लाद जोशी को नई जिम्मेदारी
छात्र आंदोलन के बाद धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के पश्चात कर्नाटक से बीजेपी सांसद प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है. उनके पास उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण और नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय की जिम्मेदारी भी है. वह इंटरनेशनल सोलर अलायंस के अध्यक्ष भी हैं.
Credit: X/@DDNewsliveखास कार से संसद पहुंचे
पिछले साल दिसंबर में प्रह्लाद जोशी एक खास नीले रंग की कार से संसद पहुंचे थे, जिसे देखकर वहां मौजूद लोग हैरान रह गए थे. यह कोई सामान्य पेट्रोल, डीजल या सीएनजी कार नहीं थी, बल्कि हाइड्रोजन फ्यूल-सेल तकनीक पर चलने वाली Toyota Mirai थी.
Credit: X/@ANIहाइड्रोजन से चलती Mirai
Toyota Mirai एक हाइड्रोजन फ्यूल-सेल इलेक्ट्रिक कार है, जो हाइड्रोजन और ऑक्सीजन के रासायनिक रिएक्शन से बिजली बनाती है. इस तकनीक में पारंपरिक ईंधन की जगह हाइड्रोजन का इस्तेमाल होता है. कार में करीब 5.6 किलोग्राम क्षमता वाला हाई-प्रेशर हाइड्रोजन टैंक दिया गया है.
Credit: X/@ANIग्रीन हाइड्रोजन मिशन से जुड़ी
Toyota Kirloskar Motor और National Institute of Solar Energy ने भारत के नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन को बढ़ावा देने के लिए समझौता किया था. इसके तहत Toyota Mirai कार NISE को सौंपी गई, ताकि भारत में हाइड्रोजन आधारित मोबिलिटी की संभावनाओं का अध्ययन और परीक्षण किया जा सके.
Credit: mirai.toyotaभारत में हो रही टेस्टिंग
इस कार की भारतीय परिस्थितियों में कई पहलुओं पर टेस्टिंग की जा रही है. इसमें फ्यूल एफिशियंसी, ड्राइविंग रेंज, रिफ्यूलिंग पैटर्न और अलग-अलग सड़कों पर प्रदर्शन शामिल हैं. इसके अलावा गर्म और ठंडे मौसम में कार की क्षमता भी जांची जा रही है, ताकि हाइड्रोजन मोबिलिटी की व्यावहारिकता समझी जा सके.
Credit: mirai.toyotaभविष्य की मोबिलिटी का संकेत
Toyota Mirai की तकनीक यह दिखाती है कि भविष्य में हाइड्रोजन स्वच्छ परिवहन का महत्वपूर्ण विकल्प बन सकता है. भारत में चल रही टेस्टिंग से यह समझने में मदद मिलेगी कि हाइड्रोजन फ्यूल-सेल कारें देश की सड़कों, मौसम और परिवहन जरूरतों के लिए कितनी कारगर साबित हो सकती हैं.
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