असली या नकली? ऐसे पहचानें बनारसी और कांजीवरम साड़ी
बढ़ी सिल्क साड़ियों की मांग
बनारसी और कांजीवरम साड़ियों की मांग शादी और त्योहारों के सीजन में काफी बढ़ जाती है. उनकी रॉयल लुक और सिल्क की चमक लोगों को आकर्षित करती है, लेकिन बाजार में नकली साड़ियां भी खूब बिक रही हैं.
Credit: AI generatedचमक देखकर न खरीदें
कई लोग सिर्फ डिजाइन और ज्यादा चमक देखकर साड़ी खरीद लेते हैं. बाद में पता चलता है कि वह प्योर सिल्क नहीं है. इसलिए खरीदारी करते समय सिर्फ लुक नहीं बल्कि क्वालिटी पर भी ध्यान देना जरूरी है.
Credit: AI generatedफैब्रिक से करें पहचान
असली सिल्क साड़ी का कपड़ा सॉफ्ट होने के साथ थोड़ा भारी महसूस होता है. वहीं नकली साड़ियां हल्की और जरूरत से ज्यादा चमकदार दिखाई देती हैं. असली सिल्क की शाइन हमेशा नैचुरल और सौम्य होती है.
Credit: AI generatedजरी वर्क जरूर देखें
बनारसी साड़ी की पहचान उसकी बारीक और साफ जरी बुनाई होती है. अगर धागे बाहर निकल रहे हों या डिजाइन उलझा दिखे, तो साड़ी नकली हो सकती है. असली साड़ियों में फिनिशिंग बेहद साफ नजर आती है.
Credit: AI generatedसिल्क मार्क करें चेक
असली सिल्क साड़ियों पर “Silk Mark” टैग लगा होता है, जो उसकी प्रमाणिकता बताता है. यह टैग भारत सरकार की ओर से दिया जाता है. बिना टैग वाली साड़ी खरीदने से पहले अच्छी तरह जांच जरूरी है.
Credit: AI generatedकीमत से भी समझें फर्क
अगर कोई दुकानदार बहुत कम कीमत में प्योर बनारसी या कांजीवरम साड़ी बेचने का दावा करे, तो सतर्क हो जाएं. असली सिल्क साड़ियां हमेशा भरोसेमंद दुकानों से खरीदना ही बेहतर माना जाता है.
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