हर शादीशुदा महिला के पास हैं ये 6 बड़े कानूनी अधिकार क्या आपको पता हैं?
कानूनी अधिकार
भारतीय कानून के अनुसार, एक पत्नी को अपने वैवाहिक घर में रहने का पूरा कानूनी अधिकार है.
Credit: Freepikवैवाहिक घर पर हक
पत्नी को अपने वैवाहिक घर में रहने का पूरा कानूनी अधिकार है. पति की मृत्यु के बाद भी वो अपने पति के घर में रह सकती हैं.
Credit: Freepikतलाक में राहत
तलाक होने पर भी महिला उचित रहने की जगह मिलने तक वैवाहिक घर में रह सकती है.
Credit: Freepikरहने की आजादी
महिला अपनी मर्जी से अपने वैवाहिक घर में रहने का विकल्प चुन सकती है. बेवफाई या हिंसा होने पर पत्नी पति की सहमति के बिना तलाक ले सकती है.
Credit: Freepikकानूनी धारा 13
महिलाएं प्रताड़ना के आधार पर हिंदू विवाह अधिनियम, 1955 की धारा 13 के तहत केस कर सकती हैं.
Credit: Freepikगर्भपात का अधिकार
संशोधन एक्ट 2021 के तहत महिलाएं 24 सप्ताह तक कानूनी गर्भपात करा सकती हैं.
Credit: Freepikविशेष अदालती राहत
विशेष और गंभीर मामलों में कोर्ट 24 हफ्ते के बाद भी गर्भपात की अनुमति दे सकता है.
Credit: Freepikघरेलू हिंसा पर एक्शन
घरेलू प्रताड़ना होने पर महिला 'घरेलू हिंसा अधिनियम 2005' के तहत शिकायत दर्ज करा सकती है.
Credit: Freepikदहेज पर सख्त कानून
दहेज के लेन-देन पर महिला 'दहेज प्रतिषेध अधिनियम 1961' के तहत दोनों परिवारों पर केस कर सकती है.
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