कुपोषण तो घटा, लेकिन बच्चों पर मंडराने लगा मोटापे का नया खतरा! स्टडी में खुलासा

कुपोषण तो घटा, लेकिन बच्चों पर मंडराने लगा मोटापे का नया खतरा! स्टडी में खुलासा

Sonee Srivastav

Sonee Srivastav

नई चिंता बढ़ी

नई चिंता बढ़ी

भारत में बच्चों में कुपोषण के मामलों में कमी आई है, लेकिन अब तेजी से बढ़ता मोटापा नई स्वास्थ्य चुनौती बनकर सामने आ रहा है.

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इस उम्र में तेजी से बढ़ा वजन

इस उम्र में तेजी से बढ़ा वजन

रिसर्च के अनुसार, 7 साल की उम्र में जहां करीब 5.2% बच्चे मोटापे से प्रभावित थे, वहीं 9 साल तक यह आंकड़ा बढ़कर लगभग 14.6% पहुंच गया.

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'डबल बर्डन ऑफ मालन्यूट्रिशन' का खतरा

'डबल बर्डन ऑफ मालन्यूट्रिशन' का खतरा

ऐसा मानना है कि एक ही देश में कुपोषण और मोटापा दोनों का साथ-साथ बढ़ना 'डबल बर्डन ऑफ मालन्यूट्रिशन' की स्थिति पैदा कर रहा है.

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सरकारी आंकड़ों में दिखा सुधार

सरकारी आंकड़ों में दिखा सुधार

पोषण ट्रैकर के मुताबिक, पिछले तीन वर्षों में बौनेपन, कम वजन और कुपोषण के मामलों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई है, जो सकारात्मक संकेत है.

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खराब लाइफस्टाइल जिम्मेदार

खराब लाइफस्टाइल जिम्मेदार

अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड, मीठे पेय, फास्ट फूड और शारीरिक गतिविधियों की कमी बच्चों में तेजी से बढ़ते मोटापे की प्रमुख वजह मानी जा रही है.

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बच्चों की डाइट और एक्टिविटी पर दें ध्यान

बच्चों की डाइट और एक्टिविटी पर दें ध्यान

विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि बच्चों को संतुलित आहार, ताजे फल-सब्जियां, नियमित खेलकूद और कम स्क्रीन टाइम की आदत डालना भविष्य में मोटापे के खतरे को कम कर सकता है.

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कुपोषण तो घटा, लेकिन बच्चों पर मंडराने लगा मोटापे का नया खतरा! स्टडी में खुलासा

कुपोषण तो घटा, लेकिन बच्चों पर मंडराने लगा मोटापे का नया खतरा! स्टडी में खुलासा