किचन में रखे इन 6 बर्तनों की भी होती है एक्सपायरी डेट, अभी जान लें
Yashika Jandwani
2026/07/11 19:46:21 IST
Yashika Jandwani
2026/07/11 19:46:21 IST
हम अक्सर खाने की एक्सपायरी डेट देखते हैं, लेकिन किचन के बर्तनों की उम्र पर ध्यान नहीं देते. विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ बर्तनों को तय समय के बाद बदलना जरूरी होता है, क्योंकि पुराने या खराब बर्तन भोजन की सुरक्षा को प्रभावित कर सकते हैं.
Credit: Pinterest
नॉन-स्टिक (2 से 3 साल) बर्तनों पर खरोंच आने या कोटिंग उखड़ने लगे तो उनका इस्तेमाल बंद कर देना चाहिए। वहीं, लंबे समय तक घिस चुके एल्युमिनियम (3 से 5 साल) के बर्तनों में खासकर खट्टी चीजें पकाने से धातु की घिसावट बढ़ सकती है.
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बार-बार गर्म चीजें रखने, गर्म पानी से धोने या लंबे समय तक इस्तेमाल करने से प्लास्टिक कंटेनर (6 महीने से 1 साल) खराब हो सकते हैं. यदि उनका अगर बदल जाए, दुर्गंध आने लगे या उन पर खरोंच दिखे, तो उन्हें बदल देना बेहतर है.
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तांबे और पीतल के बर्तनों में कलई सुरक्षित परत का काम करती है. अगर यह परत घिस जाए या अंदर हरे-काले निशान दिखाई दें, तो इनमें खाना बनाना या रखना उचित नहीं माना जाता. पहले दोबारा कलई करवाएं.
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चटकी हुई मेलामाइन प्लेटें और कटोरे गर्म (2 से 3 साल) भोजन के लिए उपयुक्त नहीं रहते. वहीं, लकड़ी के चम्मच और चॉपिंग बोर्ड (6 महीने से 1 साल) में दरारें पड़ने पर उनमें बैक्टीरिया पनप सकते हैं. ऐसे बर्तनों को समय-समय पर बदलना जरूरी है.
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सिर्फ साफ बर्तन ही काफी नहीं, उनकी स्थिति भी महत्वपूर्ण है. समय-समय पर बर्तनों की जांच करें, जरूरत पड़ने पर उन्हें बदलें और सुरक्षित सामग्री वाले बर्तनों का इस्तेमाल करें. इससे भोजन की गुणवत्ता और आपकी सेहत दोनों बेहतर बनी रहती हैं.
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हम अक्सर खाने की एक्सपायरी डेट देखते हैं, लेकिन किचन के बर्तनों की उम्र पर ध्यान नहीं देते. विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ बर्तनों को तय समय के बाद बदलना जरूरी होता है, क्योंकि पुराने या खराब बर्तन भोजन की सुरक्षा को प्रभावित कर सकते हैं.