मौत के बाद मृतक के कपड़ों और बेड का क्या करना चाहिए
गरुड़ पुराण
गरुड़ पुराण में इन वस्तुओं के संबंध में विशेष नियम बताए गए हैं, जो परिवार को शोक से उबरने और आत्मा की शांति के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं.
Credit: Freepikयादें और ऊर्जा
गरुड़ पुराण के अनुसार, व्यक्ति जिन चीजों का रोज इस्तेमाल करता है, मृत्यु के बाद भी उनमें उसकी ऊर्जा और मोह बना रहता है.
Credit: Freepikमहादान है शुभ
दिवंगत व्यक्ति के कपड़े और बिस्तर किसी गरीब, साधु या आश्रम में दान करने से मृत आत्मा को शांति और मुक्ति मिलती है.
Credit: Freepikपलंग का क्या नियम है
यदि संभव हो तो मृतक का पलंग दान कर दें. अन्यथा उसे धूप में सुखाकर और गंगाजल छिड़ककर ही दोबारा इस्तेमाल करें.
Credit: Freepikसूतक काल के बाद
मृत्यु के बाद 10 से 13 दिनों का सूतक काल खत्म होने पर ही घर का शुद्धिकरण करें और वस्तुओं का दान या सफाई करें.
Credit: Freepikबिना दान कैसे करें उपयोग?
यदि भावना या मजबूरी के कारण चीजें दान नहीं कर पा रहे हैं तो उन्हें अच्छी तरह धोकर, धूप दिखाकर और घर में हवन कराकर ही उपयोग में लाएं.
Credit: Freepikकपड़ों का क्या करें?
मृतक के पहने हुए कपड़ों को घर में रखने से मानसिक भारीपन और उदासी आ सकती है, इसलिए इन्हें घर में सहेज कर न रखें.
Credit: Freepikबिस्तर का नियम
चादर, कंबल और बिस्तर व्यक्ति के सबसे करीब होते हैं. शोक की अवधि के बाद इन्हें घर से हटा देना ही उचित माना जाता है.
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