साढ़ेसाती का सबसे खतरनाक चरण कौन सा? इन 3 राशियों पर पड़ेगा असर


2026/06/07 16:22:07 IST

साढ़ेसाती क्या होती है?

    साढ़ेसाती शनि ग्रह की वह ज्योतिषीय अवधि मानी जाती है जब शनि किसी व्यक्ति की चंद्र राशि से पहले, उसी राशि और उसके बाद की राशि में गोचर करता है. इसे कुल मिलाकर लगभग साढ़े सात साल का समय माना जाता है. इस दौरान जीवन में उतार-चढ़ाव बढ़ सकते हैं और जिम्मेदारियों का दबाव महसूस होता है.

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साढ़ेसाती के तीन चरण

    साढ़ेसाती को तीन हिस्सों में बांटा जाता है. पहला, दूसरा और तीसरा चरण. हर चरण का प्रभाव अलग माना जाता है. पहला चरण बदलाव की शुरुआत कराता है, दूसरा सबसे चुनौतीपूर्ण माना जाता है और तीसरा धीरे-धीरे राहत की ओर ले जाता है.

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सबसे कठिन दूसरा चरण

    ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार साढ़ेसाती का दूसरा चरण सबसे भारी होता है. इस समय मेहनत ज्यादा करनी पड़ती है लेकिन परिणाम देर से मिलते हैं. मानसिक तनाव, रिश्तों में खटास और करियर में दबाव जैसी स्थितियां सामने आ सकती हैं.

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इन राशियों पर असर

    वर्तमान समय में मेष राशि पहला चरण, मीन राशि दूसरा चरण और कुंभ राशि तीसरा चरण से गुजर रही हैं. मेष राशि वालों के लिए बदलाव और खर्च बढ़ सकते हैं, मीन राशि वालों के लिए चुनौतियां अधिक हो सकती हैं और कुंभ राशि वालों को धीरे-धीरे राहत मिलने लगती है.

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कब मिलेगी किसे राहत?

    कुंभ राशि वालों को 2027 तक साढ़ेसाती से राहत मिलने की संभावना मानी जाती है. मीन राशि पर इसका प्रभाव 2029 तक रह सकता है. वहीं मेष राशि वालों को 2032 तक इस अवधि के प्रभाव से गुजरना पड़ सकता है.

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क्या साढ़ेसाती केवल कठिन समय है?

    ज्योतिष के अनुसार साढ़ेसाती सिर्फ परेशानियों का समय नहीं होती, बल्कि यह जीवन में अनुशासन और सीख देने का भी दौर है. कई लोग इसी समय अपने करियर और सोच में बड़े सकारात्मक बदलाव भी देखते हैं.

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