मंदिर का प्रसाद मांसाहारी को देने से क्या आपको लगेगा पाप?
मांसाहारी को प्रसाद देने से लगेगा पाप?
हिंदू धर्म में मांसाहारी लोगों को लेकर अलग-अलग मान्यताएं हैं. जब इसी बीच एक भक्त ने प्रेमानंद महाराज से सवाल पूछा कि क्या मांसाहारी व्यक्ति को मंदिर का प्रसाद देने से पाप लगता है?
Credit: Pinterestप्रेमानंद महाराज का जवाब
महाराज जी ने कहा कि अगर कोई व्यक्ति श्रद्धा से प्रसाद ग्रहण करता है, तो उसे प्रसाद जरूर देना चाहिए. इससे प्रसाद देने वाले को कोई पाप नहीं लगता, बल्कि पुण्य प्राप्त होता है.
Credit: Pinterestप्रसाद से शुद्ध होती है बुद्धि
प्रेमानंद महाराज के अनुसार चरणामृत और भगवत का प्रसाद मनुष्य की बुद्धि को पवित्र करते हैं. उनका कहना है कि प्रसाद का आदर करने वाला व्यक्ति धीरे-धीरे गलत आचरण छोड़ सकता है.
Credit: Pinterest“पाप नहीं, मिलेगा पुण्य”
महाराज जी ने कहा कि ऐसे लोगों को प्रसाद देने से उनके पाप नष्ट होते हैं और उनका कल्याण होता है. इसलिए प्रसाद बांटना पुण्य का कार्य माना गया है.
Credit: Pinterestभगवान के नाम का करें जप
प्रेमानंद महाराज कहते हैं कि व्यक्ति पवित्र हो या अपवित्र, हर समय भगवान का नाम जपने से कल्याण होता है. उनके अनुसार भगवान का नाम संसार के दुखों की अचूक औषधि है.
Credit: Pinterest“नाम ही साधन, नाम ही साध्य”
महाराज जी का कहना है कि उनके जीवन में सबसे बड़ा महत्व भगवान के नाम का है. उन्होंने कहा कि ऐसा कोई क्षण नहीं जाना चाहिए, जब इंसान भगवान का नाम भूल जाए.
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