पाक समर्थित लश्कर फ्रंट ने ली जम्मू-कश्मीर बस पर आतंकी हमले की जिम्मेदारी

Jammu Terror Attack: पाकिस्तान समर्थित द रेजिस्टेंस फ्रंट, जो कि लश्कर-ए-तैयबा की एक शाखा है उसने रविवार को जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में तीर्थयात्रियों को ले जा रही बस पर हुए आतंकी हमले की जिम्मेदारी ली है.

JBT Desk
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Jammu Terror Attack: जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले में तीर्थयात्रियों को ले जा रही एक बस पर आतंकी हमला हुआ, जिसमें 10 लोगों की मौत की खबर सामने आई. इस हमले के बाद से ही हमला किसने किया इसका पता लगाया जा रहा था. अब इस आतंकी हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान समर्थित द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) ने रविवार को ली है. आतंकियों की तलाश के लिए व्यापक तलाशी अभियान शुरू किया गया है. क्षेत्र में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है. 

1- द रेजिस्टेंस फ्रंट (TRF) जम्मू-कश्मीर में सक्रिय एक आतंकवादी संगठन है,  इसकी उत्पत्ति लश्कर-ए-तैयबा (LeT) की एक शाखा के रूप में हुई थी. अनुच्छेद 370 और जम्मू-कश्मीर का विशेष दर्जा हटाए जाने के बाद टीआरएफ को लश्कर की ऑनलाइन इकाई के रूप में शुरू किया गया था.

कराची पुलिस के अनुसार, TRF ने लगभग छह महीने में ऑनलाइन लोकप्रियता हासिल की. इस अवधि के दौरान, लश्कर के अलावा, टीआरएफ तहरीक-ए-मिल्लत इस्लामिया और गजनवी हिंद सहित विभिन्न संगठनों का मिश्रण बन गया.

2- इंडिया टुडे के मुताबिक, रियासी बस हमले में दो से तीन आतंकी शामिल थे. आतंकवादी उसी समूह का हिस्सा हैं जिन्होंने पिछले महीने राजौरी और पुंछ में अन्य हमलों को अंजाम दिया था. आतंकवादी घने जंगलों में छिपे हुए थे और रविवार को घात लगाकर बस पर हमला कर दिया. 

3- सूत्रों के मुताबिक, आतंकवादी, जिनका साथ अब तक कोई सुराग नहीं मिला है. उनको लेकर कहा जा रहा है कि वो रियासी से भाग गए हैं. सूत्रों के मुताबिक, आतंकवादी पाकिस्तानी थे और उसी समूह से थे जो दो साल से पीर पंजाल क्षेत्र के दक्षिण में एक्टिव है. 

4- तलाशी अभियान के तहत, जिस स्थान पर हमला हुआ था उसके आसपास की जंगल हैं जिसमें खोज के लिए ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है. इसके अलावा, फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल) की एक टीम भी ऑपरेशन में शामिल हो गई है. 

5- समाचार एजेंसी पीटीआई ने अधिकारियों के हवाले से बताया कि कुछ पीड़ितों की पहचान कर ली गई है, ज्यादातर पीड़ित उत्तर प्रदेश और राजस्थान से थे. आतंकी हमले में मारे गए बस के ड्राइवर और कंडक्टर की भी पहचान हो गई है और ये दोनों रियासी के रहने वाले हैं. 

6- हमले में जिंदा बचे लोगों ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि हमले के परिणामस्वरूप बस के खाई में गिरने के बावजूद आतंकवादियों ने बस पर गोलीबारी जारी रखी. जिंदा बचे एक व्यक्ति ने कहा कि आतंकवादी खाई में उतर आए और कई मिनटों तक गोलीबारी करते रहे, जबकि यात्री यह दिखाने के लिए चुप रहे कि वे सभी मर गए हैं.

7- पुलिस ने स्थानीय ग्रामीणों की मदद से रात 8.10 बजे तक यात्रियों को बाहर निकाला. रियासी के पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने निकासी की निगरानी की और घायलों को अस्पतालों में पहुंचाया. घटनास्थल पर पुलिस, भारतीय सेना और सीआरपीएफ का एक संयुक्त ऑपरेशन मुख्यालय स्थापित किया गया और हमलावरों को पकड़ने के लिए एक संयुक्त अभियान शुरू किया गया.

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10 June 2024, 01:03 PM IST

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