सोने की कीमत ₹1.22 लाख प्रति 10 ग्राम, अब निवेशकों को क्या करना चाहिए?

सोने की कीमतें बुधवार को 10 ग्राम पर 1,22,165 रुपये तक पहुंचकर नया रिकॉर्ड तोड़ गईं, वैश्विक अस्थिरता और अमेरिकी ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों से तेजी बढ़ी.

Simran Sachdeva

Gold Price: सोने की कीमतों ने बुधवार को नया मील का पत्थर छू लिया. मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 10 ग्राम सोने की कीमत 1,22,165 रुपये तक पहुंच गई. वैश्विक अस्थिरता, डॉलर की कमजोरी और अमेरिकी ब्याज दरों में कटौती की उम्मीदों ने निवेशकों को सुरक्षित निवेश की ओर आकर्षित किया, जिससे सोने की मांग में तेजी आई.

इस साल अब तक सोने की कीमतों में 55% से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जो हाल के सालों में सबसे तेज रुझानों में से एक है. निवेशक और विशेषज्ञ मान रहे हैं कि यह रुझान अभी जारी रह सकता है, हालांकि छोटे-मोटे उतार-चढ़ाव संभव हैं.

सोने और चांदी में तेजी

सुबह के कारोबार में MCX गोल्ड दिसंबर फ्यूचर्स ने रिकॉर्ड 1,22,165 रुपये प्रति 10 ग्राम तक छलांग लगाई, जो 0.86% की वृद्धि दर्शाता है. वहीं, चांदी के वायदा भी 1.14% बढ़कर 1,47,450 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंचे. विशेषज्ञों के अनुसार, यह तेजी केंद्रीय बैंकों की मजबूत खरीदारी, गोल्ड ETF में निरंतर निवेश और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा अक्टूबर और दिसंबर में संभावित दो बार दर कटौती की उम्मीदों से प्रेरित है.

सोने की तेजी के पीछे के कारण

सोने की रिकॉर्ड रैली के पीछे कई महत्वपूर्ण कारक हैं:-

  • अमेरिकी सरकारी शटडाउन: दूसरे सप्ताह में प्रवेश करने के कारण महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़े विलंबित हुए हैं, जिससे वैश्विक अनिश्चितता बढ़ी है.

  • डॉलर में कमजोरी और वैश्विक राजनीतिक अस्थिरता: फ्रांस में राजनीतिक असंतोष और डॉलर की कमजोरी ने सुरक्षित निवेश की मांग को बढ़ावा दिया है.

  • केंद्रीय बैंकों की खरीदारी और ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद: यह सोने को निवेशकों के लिए और ज्यादा आकर्षक बना रहा है.

अब क्या करें निवेशक?

सोने की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी ने निवेशकों के लिए बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है कि अभी खरीदना चाहिए या बेच देना चाहिए. विशेषज्ञों का मानना है कि सोने की कीमतें इस साल और बढ़ सकती हैं, हालांकि मुनाफा लेने के चलते छोटे-छोटे सुधार संभव हैं.

विशेषज्ञ सुझाव देते हैं कि लंबी अवधि के निवेशक रिकॉर्ड ऊंचाई पर तुरंत निवेश करने के बजाय धीरे-धीरे और छोटी मात्रा में खरीदारी करें. वहीं, जिन्होंने इस साल पहले ही सोना खरीदा है, वे आंशिक मुनाफा बुक करने पर विचार कर सकते हैं.

गोल्ड लोन मार्केट पर असर

सोने की रिकॉर्ड कीमतों ने भारत के गोल्ड लोन बाजार को भी प्रभावित किया है. ICRA के अनुसार, संगठित गोल्ड लोन उद्योग अब मार्च 2026 तक 15 ट्रिलियन रुपये तक पहुंचने की संभावना है, जो पहले के अनुमान से एक साल पहले है. यह मार्च 2027 तक 18 ट्रिलियन रुपये तक बढ़ सकता है, क्योंकि उच्च मूल्यांकन से उधार लेने की क्षमता बढ़ती है.

(Disclaimer: इस आर्टिकल में विशेषज्ञों/ब्रोकरेज द्वारा व्यक्त किए गए विचार और सुझाव उनके अपने हैं और JBT News के दृष्टिकोण का प्रतिनिधित्व नहीं करते. किसी भी वास्तविक निवेश या ट्रेडिंग फैसले से पहले योग्य वित्तीय सलाहकार से परामर्श करना उचित है.)

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