पत्नी ने सरेआम पति की हत्या पर रखा था 1 लाख रुपये का इनाम , डेढ़ महीने बाद उसी खौफनाक अंदाज में हुआ मर्डर

महाराष्ट्र के नागपुर में एक ऐसी खौफनाक वारदात सामने आई है, जिसने पारिवारिक रिश्तों और कानून-व्यवस्था दोनों को झकझोर कर रख दिया है. शराब की लत, घरेलू हिंसा और बेटियों की सुरक्षा को लेकर उपजे आक्रोश के बाद एक पत्नी ने अपने ही पति की मौत का सौदा कर डाला.

Nidhi Jha
Edited By: Nidhi Jha

पुणे: महाराष्ट्र के नागपुर में एक ऐसी खौफनाक वारदात सामने आई है, जिसने पारिवारिक रिश्तों और कानून-व्यवस्था दोनों को झकझोर कर रख दिया है. शराब की लत, घरेलू हिंसा और बेटियों की सुरक्षा को लेकर उपजे आक्रोश के बाद एक पत्नी ने अपने ही पति की मौत का सौदा कर डाला. पुलिस ने इस हत्याकांड का सनसनीखेज खुलासा करते हुए आरोपी पत्नी समेत दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो अन्य हमलावर अभी भी फरार हैं.

शादी में हुआ था विवाद

यह पूरी घटना नागपुर के भांडेवाड़ी पुलिस थाना क्षेत्र की है। पुलिस जांच में जो कड़ियां सामने आईं, वे किसी फिल्मी स्क्रिप्ट जैसी हैं. मृतक की पहचान गणेश उर्फ गुरुदेव बोरकर के रूप में हुई है, जो इलाके का एक कुख्यात अपराधी था. पुलिस के अनुसार, करीब डेढ़ महीने पहले कन्हान इलाके में एक पारिवारिक शादी समारोह के दौरान गणेश ने अपनी पत्नी मनीषा बोरकर के साथ सरेआम मारपीट और गाली-गलौज की थी.

पत्नी ने सरेआम किया था ऐलान

इस सार्वजनिक अपमान से आहत और गुस्से से तमतमाई मनीषा ने उसी वक्त शादी में मौजूद लोगों के सामने एक हैरान करने वाला ऐलान कर दिया था. उसने चीखते हुए कहा था,जो कोई भी मेरे पति को जान से मार देगा, उसे मैं एक लाख रुपये दूंगी. उस वक्त शादी में मौजूद मेहमानों ने इसे महज पारिवारिक झगड़े का गुस्सा समझकर नजरअंदाज कर दिया था, लेकिन वहां मौजूद कुछ आपराधिक प्रवृत्ति के युवकों ने इस प्रपोजल को बेहद गंभीरता से ले लिया.

गहने बेचकर जुटाए पैसे

मनीषा की यह दूसरी शादी थी और पहले पति से उसकी दो बेटियां हैं. पुलिस पूछताछ में मनीषा ने रोते हुए अपना जुर्म कबूल किया और बताया कि गणेश न सिर्फ रोज शराब पीकर उसके साथ बर्बरता से मारपीट करता था, बल्कि उसकी बेटियों पर भी बुरी नीयत रखता था. वह अक्सर घर न लौटने पर जान से मारने की धमकियां भी देता था. रोज-रोज के इस नरक से पीछा छुड़ाने के लिए मनीषा ने आखिरकार कत्ल का रास्ता चुना. शादी में मनीषा का ऐलान सुनने के बाद ददू उर्फ अभिजीत साखरे और अमन उर्फ नाटो पप्पू कैतवार नाम के अपराधियों ने मनीषा से संपर्क किया. सौदा तय होने के बाद, मनीषा ने अपने सोने के गहने बेचे और हत्या की सुपारी के तौर पर 50,000 की एडवांस रकम अमन को सौंप दी.

रेकी कर रात के अंधेरे में उतारा मौत के घाट

एडवांस पैसे मिलने के बाद शूटरों ने गणेश की हत्या की पूरी स्क्रिप्ट तैयार की. बीती रात मुख्य आरोपी अमन अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर भांडेवाड़ी इलाके में गणेश बोरकर की लगातार रेकी (निगरानी) करता रहा. जैसे ही गणेश एक सुनसान जगह पर अकेला मिला, आरोपियों ने उस पर धारदार हथियारों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल गणेश ने मौके पर ही दम तोड़ दिया. पुलिस के मुताबिक, मृतक गणेश बोरकर कोई साधारण व्यक्ति नहीं था. उस पर पहले से ही हत्या, हत्या के प्रयास, डकैती और चोरी समेत एक दर्जन (12) से अधिक गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे.

दो आरोपी गिरफ्तार

पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य साजिशकर्ता पत्नी मनीषा बोरकर और सुपारी नेटवर्क का हिस्सा रहे अभिजीत उर्फ ददू साखरे को गिरफ्तार कर लिया है. नागपुर के सहायक पुलिस आयुक्त (ACP) शिवप्रसाद पारवे ने बताया कि मनीषा ने अपना गुनाह स्वीकार कर लिया है. वारदात को अंजाम देने वाले दो मुख्य हमलावर (अमन और उसका साथी) फिलहाल पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं. पुलिस की टीमें उनकी तलाश में लगातार अलग-अलग ठिकानों पर दबिश दे रही हैं और जल्द ही उन्हें भी सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा.

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