Chandrayaan-3 : भारत के इतिहास रचने में बस कुछ दिन बाकी, इसरो ने चंद्रयान-3 को लेकर दिया अपडेट

ISRO : इसरो के अध्यक्ष एस. सोमनाथ ने कहा कि, इस मिशन का सबसे अहम हिस्सा लैंडर की स्पीड को कम करना है. 23 अगस्त, 2023 को चंद्रयान-3 अपने मंजिल पर पहुंच जाएगा.

Nisha Srivastava

Chandrayaan-3 Update : भारत बस कुछ ही दिन में इतिहास रचने वाला है. मिशन चंद्रयान-3 चांद की सतह पर पहुंचने की वाला है. पूरा देश इस अनोखे दिन का इंतजार कर रहा है. हर दिन चंद्रयान-3 नई कक्षा में प्रवेश कर रहा है. शुक्रवार 18 अगस्त को इसकी सफल डीबूस्टिंग हुई जिसके बाद लैंडर मॉड्यूल चांद के और करीब पहुंच गया है. लैंडर मॉड्यूल में लैंडर और रोवर शामिल हैं. इसरो ने अब इस मिनशन को लेकर ताजा अपडेट जारी किया है.

स्पीड कम करना चुनौती

चंद्रयान-3 को लेकर इसरो की तरफ से लगातार अपडेट दिए जा रहे हैं. इसरो ने कहा कि लैंडर की गति उन्होंने कम कर ली है और अब वह चांद की तरफ ले जाने वाली कक्षा की ओर मुड़ गया है. अभी तक स्थिति सामान्य है. यह भी बताया गया कि आगे चुनौती रहेगी जब चांद पर उतरने से पहले लैंडर की स्पीड को कम करना होगा. जिससे कि चांद की सतह पर चंद्रयान-3 की सॉफ्ट लैंडिंग हो सके. 23 अगस्त, 2023 को चंद्रयान-3 अपने मंजिल पर पहुंच जाएगा.

इसरो चीफ का बयान

इसरो के अध्यक्ष एस. सोमनाथ ने कहा कि, इस मिशन का सबसे अहम हिस्सा लैंडर की स्पीड को कम करना है. इसे 30 किलोमीटर की ऊंचाई से अंतिम लैंडिंग तक कम करना है. यह वो जगह है जहां हमें अपनी काबिलियत दिखानी होगी. इसरो ने बताया कि प्रणोदन मॉड्यूल वर्तमान कक्षा में अपनी यात्रा महीनों या सालों तक जारी रखेगा.

रविवार को दोबारा होगी डीबूस्टिंग

जानकारी के अनुसार रविवार 20 अगस्त को लैंडर मॉड्यूल फिर से डीबूस्टिंग होगी. साथ ही इसे निचली कक्षा में उतारा जाएगा. इसकी स्पीड 113 किमीx157 किमी तक हो गई है. रविवार को करीब 2 बजे लैंडर मॉड्यूल डीबूस्टिंग प्रक्रिया पूरी हो जाएगी.

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