जम्मू-कश्मीर में बादल फटने से मची तबाही, ईमारतों समेत सड़क मार्ग प्रभावित, बचाव कार्य जारी

जम्मू-कश्मीर के डोडा और किश्तवाड़ जिलों में रविवार रात बादल फटने के बाद भारी तबाही देखने को मिली. बादल फटने की सबसे अधिक मार किश्तवाड़ में निर्माणाधीन 540 मेगावाट की क्वार जलविद्युत परियोजना पर पड़ी है. इसके साथ ही सड़क पर बड़ी मात्रा में कीचड़, चट्टानें और मलबा जमा होने के कारण हाईवे को फिलहाल यातायात के लिए बंद कर दिया गया है.

Yashika Jandwani

नई दिल्ली: जम्मू-कश्मीर के डोडा और किश्तवाड़ जिलों में रविवार रात बादल फटने के बाद भारी तबाही देखने को मिली. तेज बारिश के साथ आए कीचड़, मलबे और चट्टानों के कारण कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित हो गया. प्रभावित क्षेत्रों में प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्य तेज कर दिया, जबकि क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत का काम भी जारी है.

नहीं हुई किसी प्रकार की जानहानी 

बादल फटने की सबसे अधिक मार किश्तवाड़ में निर्माणाधीन 540 मेगावाट की क्वार जलविद्युत परियोजना पर पड़ी है. परियोजना के टनल क्षेत्र के पास अचानक आए मलबे और बड़े-बड़े पत्थरों की वजह से कई ट्रक, डोजर और अन्य भारी निर्माण उपकरण दब गए. इसके अलावा निर्माण सामग्री को भी काफी नुकसान पहुंचा है. राहत की बात यह रही कि घटना के समय परियोजना स्थल पर कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई.

सड़क मार्ग हुआ प्रभावित 

घटना का असर डोडा-किश्तवाड़ को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग-244 पर भी पड़ा है. सड़क पर बड़ी मात्रा में कीचड़, चट्टानें और मलबा जमा होने के कारण हाईवे को फिलहाल यातायात के लिए बंद कर दिया गया है. प्रशासन और संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंचकर मलबा हटाने, सड़क की सफाई और बहाली के कार्य में जुटी हुई हैं. यात्रियों से अपील की गई है कि वे फिलहाल इस मार्ग का उपयोग न करें और प्रशासन की ओर से जारी यातायात सलाह का पालन करें.

बादल फटने से पहुंचा भारी नुकसान 

डोडा जिले के प्रेम नगर के ऊपरी क्षेत्रों में भी बादल फटने से भारी नुकसान हुआ है. यहां बाजार में बाढ़ जैसे हालात बन गए, जबकि नाले में अचानक पानी और मलबे का बहाव बढ़ने से निचले इलाकों में स्थित कुछ मकानों और एक मंदिर को क्षति पहुंची है. कई वाहन भी मलबे में दब गए हैं, जिन्हें निकालने के लिए अभियान चलाया जा रहा है.

अधिकारियों के अनुसार सोमवार को मौसम साफ रहने से राहत कार्यों में तेजी आई. फिलहाल जिले के अन्य हिस्सों से किसी बड़ी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली है. केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने बताया कि इस प्राकृतिक आपदा में किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है. 

प्रभावित क्षेत्रों पर टकी नजर 

वहीं, रियासी जिले के ऊंचाई वाले इलाकों से भी बाढ़ जैसी स्थिति की खबरें सामने आई हैं. चिनैनी के बप्प गांव के पास लगातार बारिश के चलते मानतलाई-लाटी सड़क का एक हिस्सा धंस गया, जिससे इस मार्ग पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया है. प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और आवश्यक कदम उठा रहा है.

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