पासपोर्ट, आधार और वोटर आईडी भी नहीं साबित कर सकते आपकी नागरिकता! जानिए आखिर कौन-सा दस्तावेज है सबसे अहम

भारत में नागरिकता साबित करने को लेकर लंबी बहस के बाद विदेश मंत्रालय ने साफ कर दिया है कि पासपोर्ट भारतीय नागरिकता का अंतिम या निर्णायक प्रमाण नहीं माना जा सकता.

Sonee Srivastav

नई दिल्ली: भारत में नागरिकता साबित करने को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है. हाल ही में विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि पासपोर्ट भारतीय नागरिकता का अंतिम या निर्णायक प्रमाण नहीं माना जा सकता. इसके बाद लोगों के मन में यह सवाल उठने लगा कि आखिर कौन-सा दस्तावेज भारतीय नागरिकता का सबसे भरोसेमंद प्रमाण है.

पासपोर्ट क्यों नहीं है अंतिम प्रमाण?

आमतौर पर माना जाता है कि पासपोर्ट केवल भारतीय नागरिकों को ही जारी किया जाता है. इसके लिए पुलिस सत्यापन और कई अन्य जांच प्रक्रियाएं पूरी की जाती हैं. बावजूद इसके, कानूनी रूप से पासपोर्ट को नागरिकता का अंतिम प्रमाण नहीं माना जाता. यदि बाद में किसी व्यक्ति की नागरिकता को लेकर तथ्य गलत पाए जाते हैं, तो सरकार उसका पासपोर्ट रद्द भी कर सकती है.

वोटर आईडी और आधार की क्या स्थिति है?

वोटर आईडी कार्ड यह दर्शाता है कि व्यक्ति मतदाता सूची में शामिल है और उसे मतदान का अधिकार प्राप्त है. हालांकि यह अकेले नागरिकता साबित करने वाला दस्तावेज नहीं है.

इसी तरह आधार कार्ड पहचान और निवास का प्रमाण है, नागरिकता का नहीं. आधार कानून में भी स्पष्ट किया गया है कि यह दस्तावेज नागरिकता साबित करने के लिए मान्य नहीं है. पैन कार्ड और राशन कार्ड भी अपने-अपने उद्देश्यों के लिए बनाए गए हैं, लेकिन इन्हें नागरिकता का प्रमाण नहीं माना जाता.

नागरिकता तय कैसे होती है?

भारत में नागरिकता संविधान और नागरिकता अधिनियम, 1955 के तहत निर्धारित होती है. किसी व्यक्ति को जन्म, वंश, पंजीकरण, प्राकृतिककरण या किसी क्षेत्र के भारत में विलय के आधार पर नागरिकता मिल सकती है. कानूनी विवाद की स्थिति में अदालतें किसी एक दस्तावेज पर निर्भर नहीं रहतीं, बल्कि कई दस्तावेजों और परिस्थितियों का संयुक्त रूप से मूल्यांकन करती हैं.

क्या कोई एक पक्का दस्तावेज मौजूद है?

भारत में ऐसा कोई राष्ट्रीय नागरिकता कार्ड नहीं है जो हर नागरिक को जारी किया जाता हो. हालांकि नागरिकता अधिनियम के तहत जारी होने वाला "नागरिकता प्रमाण पत्र" सीधे तौर पर नागरिकता साबित करता है, लेकिन यह केवल उन लोगों को मिलता है जिन्होंने पंजीकरण या प्राकृतिककरण के जरिए नागरिकता हासिल की हो.

यही वजह है कि भारत में नागरिकता साबित करने के लिए अक्सर कई दस्तावेजों और रिकॉर्ड का सहारा लेना पड़ता है. फिलहाल ऐसा कोई एक सार्वभौमिक दस्तावेज नहीं है जिसे सभी भारतीयों की नागरिकता का अंतिम प्रमाण माना जा सके.

Topics

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो