मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जलालाबाद में 350 किलोमीटर सड़कों के नवीनीकरण का किया शिलान्यास

रैली को संबोधित करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पिछले चार सालों में राज्य सरकार ने पारंपरिक पार्टियों के 70 सालों के कार्यकाल से ज्यादा काम किया है.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

फाजिल्काः पंजाब भर में विश्व स्तरीय सड़कों का विशाल नेटवर्क स्थापित करते हुए आम आदमी पार्टी की सरकार ने बुनियादी ढांचे के विकास में तेजी लाई है, जिसके तहत पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज फाजिल्का जिले के जलालाबाद में 300 किलोमीटर नई सड़कों का शिलान्यास रखा और 350 किलोमीटर के नवीनीकरण का काम शुरू करवाया. मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि पंजाब में भ्रष्टाचार की आड़ में बनने वाली घटिया-मानक वाली सड़कों के निर्माण का युग अब खत्म हो चुका है.

आज के सड़क परियोजना को पंजाब भर में बनाए जा रहे 43,000 किलोमीटर के विशाल सड़क नेटवर्क का हिस्सा बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने जोर देकर कहा कि सख्त जवाबदेही के साथ सड़कें अच्छी बनेंगी, भूमिगत तारों के माध्यम से बिजली के खंभे हटाने की योजनाओं का ऐलान किया और विश्वास जताया कि वोटर फिर फतवा देकर सरकार को वापस लाएंगे.

रैली को संबोधित करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पिछले चार सालों में राज्य सरकार ने पारंपरिक पार्टियों के 70 सालों के कार्यकाल से ज्यादा काम किया है. राज्य सरकार तेज गति से आगे बढ़ रही है और वर्ष 2027 में राज्य इस विकास को अगले स्तर पर ले जाएगा. यह विकास आम आदमी की भलाई को सुनिश्चित बनाने के उद्देश्य से कई लोक-कल्याणकारी नीतियों से जुड़ा हुआ है.”

उन्होंने आगे कहा, “यह दीवार पर लिखा पढ़ लेना चाहिए कि आम लोगों के सहयोग से आम आदमी पार्टी वर्ष 2027 में दोबारा सरकार बनाएगी. राज्य सरकार की लोक-कल्याणकारी और विकास-मुखी नीतियों के कारण हम आने वाले विधानसभा चुनावों में फिर 100 से ज्यादा सीटें जीतेंगे. लोगों द्वारा दिखाया गया भारी समर्थन इस तथ्य का प्रमाण है कि लोग पारंपरिक पार्टियों को फिर सबक सिखाने की प्रतीक्षा कर रहे हैं.”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आप सरकार लोगों की भलाई के लिए अथक मेहनत कर रही है जबकि विपक्षी दल सत्ता में रहते हुए कारोबार से हिस्सा मांगते रहे हैं.” उन्होंने आगे कहा, “ये नेता नशों और अपराधियों की सरपरस्ती करके राज्य को बर्बाद करना चाहते हैं जिस कारण लोगों ने उन्हें सत्ता से बेदखल किया था. अब ये सारी पंजाब-विरोधी ताकतें पंजाब को बर्बाद करने के लिए हाथ मिला चुकी हैं और समय आ गया है जब पंजाबियों को भी हाथ मिलाकर उन्हें बाहर का रास्ता दिखाना चाहिए.”

अकाली दल पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, “अकाली दल के इस ड्रामे का असली नाम 'परिवार बचाओ यात्रा' है. 15 साल राज्य को लूटने के बाद ये किससे पंजाब को बचाने की कोशिश कर रहे हैं? अकालियों ने राज्य को बेरहमी से लूटा है, पंजाबियों के दिलों को ठेस पहुंचाई और माफिया को सरपरस्ती दी है.” उन्होंने आगे कहा, “लोग अकालियों और बादल परिवार के संदिग्ध किरदार से अच्छी तरह वाकिफ हैं जिस कारण उनकी नौटंकियां अब नहीं चलेंगी.”

मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “इन नेताओं ने राज्य में गैंगस्टरों को सरपरस्ती दी और नशा तस्करों को संरक्षण देकर नौजवानों की नसों में नशा भरा. अकाली दल ने हमेशा अपने निजी राजनीतिक हितों के लिए धर्म का दुरुपयोग किया है, लेकिन इस बार लोग इनके झांसे में नहीं आएंगे. अकाली लीडरशिप राज्य के लोगों को गुमराह करने के लिए हवाई क़िले बना रही है, लेकिन पंजाबी इस पर विश्वास नहीं करेंगे.”

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "कांग्रेसी नेता राज्य में सत्ता संभालने के सपने देख रहे हैं. कांग्रेस पार्टी आपसी कलह के कारण मुंह के बल गिरेगी. यह दुख की बात है कि कांग्रेस के शीर्ष नेता सत्ता के लिए लड़ रहे हैं और राज्य के लिए उनके पास कोई एजेंडा नहीं है. उनका एकमात्र उद्देश्य सत्ता संभालकर पंजाब के सरमाए को लूटना है, लेकिन उनके सपने कभी पूरे नहीं होंगे." उन्होंने आगे कहा, "पहले ये पारंपरिक पार्टियां सत्ता हासिल करने के लिए अपनी बारी की प्रतीक्षा करती थीं लेकिन अब इन पार्टियों द्वारा पैदा की गई गंदगी को साफ करने के लिए झाड़ू मौजूद है."

एक बड़ी कल्याण योजना का ऐलान करते हुए, उन्होंने कहा, “पंजाब सरकार ने मांवा-धीयां सत्कार योजना शुरू की है जिसके तहत हर महिला को प्रति माह 1,000 रुपये और अनुसूचित जातियों से संबंधित महिलाओं को प्रति माह 1,500 रुपये मिलेंगे और यह पैसे सीधे बैंक खातों में ट्रांसफर किए जाएंगे तथा पहले से सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त कर रही महिलाएं भी योग्य होंगी. पंजाब में लगभग 97 प्रतिशत महिलाओं को लाभ होने की उम्मीद है और राज्य सरकार ने बजट में 9,300 करोड़ आवंटित किए हैं. इसकी रजिस्ट्रेशन 13 अप्रैल से शुरू होगी.”

इस योजना की आलोचना का जवाब देते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, "जो लोग इस योजना की शुरुआत को लेकर राज्य सरकार का मजाक उड़ा रहे हैं या बेबुनियाद सवाल उठा रहे हैं, वे आम व्यक्ति के लिए 1,000 रुपये की कीमत नहीं जानते. ये लोग जो गैर-कानूनी ढंग से कमाए पैसे से एक वक्त के भोजन पर 5,000 रुपये से ज्यादा खर्च करते हैं, वे इस योजना की कद्र नहीं करते लेकिन यह उन लोगों के लिए बड़ी वित्तीय सहायता है जिन्हें त्योहारों पर भी मजदूरी करनी पड़ती है. इन अमीर नेताओं की पत्नियों को 1,000 रुपये की जरूरत नहीं है क्योंकि वे मेकअप पर ज्यादा खर्च करती हैं."

बुनियादी ढांचे के बारे में उन्होंने कहा, “आप सरकार ने राज्य भर में संपर्क सड़कों की मरम्मत के लिए एक बड़ा कार्यक्रम शुरू किया है. राज्य में कुल 43,000 किलोमीटर संपर्क सड़कें हैं और राज्य सरकार ने इनकी मरम्मत और अपग्रेडेशन के लिए प्रोजेक्ट शुरू किया है. इन सड़कों की मरम्मत के साथ-साथ अगले पांच सालों के लिए इनका रख-रखाव भी किया जाएगा.”

क्षेत्रीय विकास के बारे में बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह बहुत गर्व और संतोष की बात है कि यह विकास मिलनी एक विशाल रैली में बदल गई है. पंजाब ने पिछले चार वर्षों में बड़ा बदलाव देखा है क्योंकि नहरी पानी अब उन क्षेत्रों तक पहुंच गया है, जहां पिछले 50-60 वर्षों से नहीं पहुंच रहा था.” उन्होंने आगे कहा, “यह एक सीमावर्ती क्षेत्र है, जहां डॉक्टर या अध्यापक ड्यूटी करने से हिचकिचाते हैं, जिसके कारण राज्य सरकार ने उनके लिए सीमावर्ती क्षेत्रों में कम से कम दो वर्ष सेवा देना अनिवार्य कर दिया है.”

उन्होंने आगे कहा, “इन अध्यापकों और डॉक्टरों को इस सेवा के बदले पदोन्नति के समय अतिरिक्त भत्ता और अतिरिक्त अंक मिलेंगे. इस क्षेत्र के बच्चे बहुत प्रतिभाशाली हैं.” एक किस्सा साझा करते हुए उन्होंने बताया, “साल 2008-09 में, मैं दोना नानका गांव गया, जहां एक लड़की ने 5वीं कक्षा में पंजाब में पहला स्थान प्राप्त किया था. उसका परिवार आगे की पढ़ाई का खर्च नहीं उठा सकता था, इसलिए मैंने खर्च का प्रबंध किया और उसे बड़ू साहिब अकादमी में दाखिला दिलवाया. जब पशु चिकित्सकों की नियुक्ति हुई, तो वह मेहनती लड़की भी उनमें से एक थी.”

तरक्की के अवसर सृजित करने पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे बच्चों में कोई कमी नहीं है, लेकिन हमारे युवाओं को उचित अवसरों की कमी जरूर रही है. इसी कारण राज्य सरकार अब ये अवसर प्रदान कर रही है. उन्होंने आगे कहा, “पहले सुखबीर सिंह बादल जैसे नेता इस क्षेत्र के न केवल विधायक बल्कि उपमुख्यमंत्री तक रहे, परंतु ईमानदारी से कोई काम नहीं किया गया. उन्होंने जानबूझकर लोगों को गरीब रखा ताकि मतदाता चुनावों के दौरान छोटी-मोटी मांगों में उलझे रहें. उन्होंने इस क्षेत्र को राज्य का आखिरी इलाका समझा, लेकिन मैं इसे ‘फ्रंटलाइन’ मानता हूं.”

पिछली सरकार पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “इस इलाके में छोटे दुकानदार, व्यापारी और किसान हैं. लोगों ने पहले पारंपरिक पार्टियों को बड़े स्तर पर वोट दिया, लेकिन पिछली सरकारों ने पंजाब को लूटा. इन नेताओं ने संसाधनों का इस्तेमाल निजी स्वार्थों के लिए किया और आज भी उनके पास कोई एजेंडा नहीं है, केवल सत्ता की भूख है. वे एक-दूसरे से आगे बढ़कर मुझे गालियां देते हैं.”

‘आप’ सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए उन्होंने कहा, “राज्य सरकार ने 90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली, रिश्वत के बिना 65,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां, बेहतर सड़कें, टोल प्लाजाओं को बंद करने से रोजाना 70 लाख रुपये की बचत और बुनियादी ढांचे में निरंतर विकास सुनिश्चित किया है. लोगों के टैक्स का पैसा पंजाब का है और हम इसे समझदारी और ईमानदारी से उनकी भलाई पर खर्च कर रहे हैं. लोगों का पैसा विकास, स्कूलों, अस्पतालों और सड़कों के माध्यम से उन्हें वापस मिल रहा है.”

उन्होंने आगे कहा, “पहले भ्रष्टाचार के कारण इस पैसे का दुरुपयोग होता था, लेकिन अब हमने लोगों और राज्य की भलाई के लिए इन चोर-मोरियों को बंद किया है.” मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “राज्य सरकार ने माझा क्षेत्र में 22 किलोमीटर लंबी सरहाली नहर का पता लगाया है, जो जमीन के नीचे दब गई थी. यह नहर अब राज्य सरकार के ठोस प्रयासों से चालू हो गई है.”

सिंचाई सुधारों के बारे में उन्होंने कहा, “भाखड़ा नहर की क्षमता 9500 क्यूसेक है, लेकिन हमने अपने प्रयासों से 10,000 क्यूसेक नहरी पानी की आपूर्ति सुनिश्चित की है, जिसका अर्थ है कि राज्य ने बिना एक इंच जमीन अधिग्रहण किए ही एक नई भाखड़ा नहर बना दी है.” उन्होंने आगे कहा, “दशकों से किसान फिरोजपुर और सरहिंद नहरों से रोटेशन के आधार पर पानी लेते आ रहे थे, लेकिन पहली बार यह प्रणाली समाप्त हुई है, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिली है.”

भूमिगत जल के बारे में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “भूमिगत जल के दोहन की दर 2022 में 61.49 प्रतिशत से घटकर 2025 में 31.6 प्रतिशत हो गई है. कई गांवों में भूमिगत जल 4 मीटर तक रिचार्ज हो गया है, जो बहुत संतोषजनक है.”

भविष्य की योजनाओं के बारे में उन्होंने कहा, “यह सब ईमानदार शासन का परिणाम है और आने वाले समय में हमारा लक्ष्य पूरे पंजाब में भूमिगत बिजली लाइनों को लागू करना है. इससे खेत साफ होंगे, हादसे रोके जा सकेंगे और बेहतर बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगी. यदि पायलट प्रोजेक्ट सफल होता है, तो इसे आगे बढ़ाया जाएगा.”

अपनी सरकार की सोच को दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “लोग कहते थे कि कुछ नहीं बदलेगा न नौकरियां, न सड़कें, न विकास, लेकिन हमने उन्हें गलत साबित कर दिया है.” इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री, विधायक और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे.

ताजा खबरें

ट्रेंडिंग वीडियो