'पाकिस्तान को भूल जाओ, तभी भारत का साथ मिलेगा' राजनाथ सिंह ने इटली को दी सीधी चेतावनी
राजनाथ सिंह ने गुरूवार को इटली के रक्षा मंत्री के साथ उच्च स्तरीय बैठक की. इस बैठक के दौरान भारतीय रक्षा मंत्री ने इतनी को साफ संदेश दिया है कि पाकिस्तान को रक्षा सहयोग न दें.

नई दिल्ली: भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इटली के रक्षा मंत्री गुइडो क्रोसेटो के साथ गुरुवार 30 अप्रैल को उच्च स्तरीय बैठक की. इस दौरान भारत ने साफ संदेश दिया कि पाकिस्तान के साथ रक्षा सहयोग जारी रखने पर इटली को भारत का पूरा समर्थन नहीं मिल सकेगा.
पाकिस्तान के साथ कोई रक्षा तकनीक साझा न करें
बैठक में राजनाथ सिंह ने इटली से सीधे आग्रह किया कि वह पाकिस्तान को किसी भी तरह की रक्षा प्रौद्योगिकी, उपकरण या सहयोग न दे. भारत ने याद दिलाया कि पाकिस्तान लंबे समय से आतंकवाद को बढ़ावा देने वाला देश रहा है.
भारत की ओर से कहा गया कि इटली ने पहले पाकिस्तान को नौसेना के प्लेटफॉर्म, हेलीकॉप्टर, ड्रोन और सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें दी हैं. अब भारत चाहता है कि भविष्य में ऐसा न हो.
राजनाथ सिंह ने जोर देकर कहा कि भारत की सुरक्षा चिंताओं को ध्यान में रखते हुए इटली को अपना रक्षा सहयोग केवल भारत जैसे विश्वसनीय साझेदारों तक सीमित रखना चाहिए.
इटली का सकारात्मक जवाब
इटली की ओर से इस मुद्दे पर अच्छी प्रतिक्रिया आई है. इतालवी पक्ष ने भारत को आश्वासन दिया कि जो रक्षा प्रौद्योगिकी भारत को दी जा रही है, वह पूरी तरह भारत के लिए विशेष (एक्सक्लूसिव) रहेगी. इसे किसी तीसरे देश, खासकर पाकिस्तान को नहीं साझा किया जाएगा.
लियोनार्डो कंपनी की वापसी
इटली की प्रमुख रक्षा कंपनी लियोनार्डो पर अगस्ता वेस्टलैंड वीवीआईपी हेलीकॉप्टर घोटाले के कारण भारत ने करीब दस साल तक प्रतिबंध लगाए रखा था. अब ये प्रतिबंध हटा दिए गए हैं. कंपनी अब भारत में बड़े रक्षा सौदों की तलाश कर रही है.
इसमें अडानी डिफेंस के साथ मिलकर भारतीय नौसेना के लिए हेलीकॉप्टर बनाने का प्रोजेक्ट भी शामिल है. बैठक में हाल ही में खरीदे गए इतालवी टॉरपीडो और भारत में उनकी उत्पादन लाइन लगाने की संभावना पर भी चर्चा हुई.
आत्मनिर्भर भारत को मजबूत करने पर जोर
राजनाथ सिंह ने बैठक के बाद कहा कि दोनों देश भारत के आत्मनिर्भर भारत अभियान और इटली की रक्षा सहयोग नीति के तहत आपसी लाभ वाले रास्ते तलाश रहे हैं. दोनों पक्षों ने भविष्य के लिए द्विपक्षीय सैन्य सहयोग योजना (MCP) 2026-27 पर भी सहमति जताई.
इटली के उद्योग प्रतिनिधिमंडल ने भारतीय तट रक्षक बल समेत कई महत्वपूर्ण एजेंसियों से बातचीत की. यह बैठक भारत-इटली रक्षा संबंधों को नई दिशा देने वाली साबित हो सकती है, बशर्ते इटली पाकिस्तान से दूरी बनाए रखे.


