केंद्रीय मंत्री बंदी संजय के बेटे भागीरथ को POCSO मामले में 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया
संजय कुमार के बेटे बंदी भागीरथ को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. यह कदम POCSO मामले में उठाया गया है. उन्हें 29 मई तक जेल भेजने का आदेश दिया गया है.

हैदराबाद: केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार के बेटे बंदी भागीरथ को POCSO मामले में 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. मजिस्ट्रेट ने उन्हें 29 मई तक जेल भेजने का आदेश दिया. शनिवार रात को गिरफ्तारी के कुछ घंटों बाद उन्हें मेडचल में मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया.
गिरफ्तारी की पूरी प्रक्रिया
साइबराबाद पुलिस ने भागीरथ को मंचिरेवुला क्षेत्र से रात में गिरफ्तार किया. पुलिस ने करीमनगर, दिल्ली समेत कई जगहों पर छापेमारी की और उनके परिचितों के घरों की तलाशी ली. विशेष अभियान टीम को विश्वसनीय सूचना मिली थी कि भागीरथ पुलिस अकादमी के पास हैं.
इसके आधार पर नाकाबंदी लगाकर उन्हें पकड़ा गया. चिकित्सा परीक्षण के बाद उन्हें मजिस्ट्रेट के सामने पेश किया गया. पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने अपराध स्वीकार कर लिया.
वकील का बयान
भागीरथ के वकील एडवोकेट करुणासागर ने कहा कि उनके मुवक्किल ने स्वेच्छा से पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया और जांच में पूरा सहयोग दिया. उन्होंने कहा, “हमें पूरा भरोसा है कि भागीरथ बेगुनाह साबित होंगे. हम आरोपों से बरी हो जाएंगे.”
मंत्री बंदी संजय का बयान
केंद्रीय मंत्री बंदी संजय कुमार ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि उन्होंने अपने बेटे को पुलिस के सामने पेश होने और जांच में सहयोग करने की सलाह दी थी. उन्होंने लिखा, “सत्यमेव जयते. कानून और न्यायपालिका का पूरा सम्मान करते हुए मेरे बेटे ने जांच में शामिल होने के लिए पेशी दी.”
भागीरथ ने बताया झूठा आरोप
17 वर्षीय लड़की की मां ने 8 मई को शिकायत दर्ज कराई थी. उन पर POCSO एक्ट और अन्य धाराओं में केस दर्ज हुआ. पीड़िता और उसकी मां के बयान मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज किए गए हैं. भागीरथ ने भी जवाबी शिकायत दर्ज कराई है.
उन्होंने दावा किया कि लड़की के परिवार ने पहले दोस्ती बढ़ाई, फिर शादी का दबाव डाला और बाद में पैसे की मांग की. उन्होंने कहा कि जब उन्होंने शादी से इनकार किया तो झूठा केस दर्ज कराया गया.
राजनीतिक प्रतिक्रिया
इस घटना के बाद तेलंगाना राष्ट्र समिति (TRS) की अध्यक्ष के. कविता ने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखकर मंत्री बंदी संजय को मंत्रिमंडल से हटाने की मांग की है ताकि निष्पक्ष जांच हो सके. यह कार्रवाई तेलंगाना हाईकोर्ट द्वारा भागीरथ को अंतरिम राहत देने से इनकार करने के एक दिन बाद हुई है.


