दक्षिणी लेबनान से नेतन्याहू की ईरान को खुली चेतावनी, कहा- अब नहीं बचेगी कोई आतंकी ताकत
दक्षिणी लेबनान के दौरे पर प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हिजबुल्लाह और ईरान को लेकर कई बड़े दावे किए. साथ ही उन्होंने यह भी दोहराया कि जब तक हिजबुल्लाह से खतरा पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाता, तब तक इजरायली सेना इस इलाके से पीछे नहीं हटेगी.

नई दिल्ली: मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दक्षिणी लेबनान के सुरक्षा क्षेत्र का दौरा कर बड़ा संदेश दिया है. सीमावर्ती इलाके में तैनात सैनिकों से मुलाकात के दौरान उन्होंने साफ कहा कि इजरायल अब अपनी सुरक्षा को लेकर किसी तरह का समझौता नहीं करेगा. उन्होंने दावा किया कि ईरान समर्थित नेटवर्क को बड़ा नुकसान पहुंचाया गया है और हिजबुल्लाह की ताकत पहले की तुलना में काफी कमजोर हो चुकी है. साथ ही उन्होंने यह भी दोहराया कि जब तक हिजबुल्लाह से खतरा पूरी तरह समाप्त नहीं हो जाता, तब तक इजरायली सेना इस इलाके से पीछे नहीं हटेगी.
दक्षिणी लेबनान के सुरक्षा क्षेत्र में पहुंचे प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने वहां मौजूद सैनिकों के काम की सराहना की. उन्होंने कहा कि सीमा पर तैनात जवानों ने बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और उनकी कार्रवाई की वजह से देश की सुरक्षा पहले से मजबूत हुई है. उन्होंने कहा कि इजरायल ने ईरान समर्थित नेटवर्क के खिलाफ प्रभावी अभियान चलाया है. उनके अनुसार, इजरायली सेना ने ऐसे कदम उठाए हैं, जिनकी पहले किसी ने कल्पना भी नहीं की थी. उनका दावा था कि इन अभियानों के कारण देश पर मंडरा रहे बड़े सुरक्षा खतरे को काफी हद तक कम करने में सफलता मिली है.
हिजबुल्लाह की सैन्य क्षमता पर किया बड़ा दावा
अपने संबोधन के दौरान नेतन्याहू ने कहा कि कभी हिजबुल्लाह के पास बड़ी संख्या में मिसाइलें और रॉकेट मौजूद थे. उनके मुताबिक, संगठन के पास लगभग डेढ़ लाख हथियारों का जखीरा था, लेकिन हाल के सैन्य अभियानों के बाद उसकी क्षमता काफी घट गई है. उन्होंने दावा किया कि अब हिजबुल्लाह के पास पहले के मुकाबले केवल लगभग 8 प्रतिशत हथियार ही बचे हैं. हालांकि उन्होंने यह भी माना कि यह बची हुई क्षमता भी पूरी तरह नजरअंदाज नहीं की जा सकती, लेकिन संगठन पहले जितना मजबूत नहीं रहा.
9,000 आतंकियों को मारने का दावा
प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि अलग-अलग सैन्य अभियानों के दौरान इजरायली सेना ने करीब 9,000 आतंकियों को मार गिराया है. उन्होंने बताया कि इनमें से सैकड़ों आतंकी पिछले कुछ सप्ताह के दौरान ही मारे गए हैं. उनका कहना था कि इन अभियानों का उद्देश्य केवल तत्काल खतरे को खत्म करना नहीं, बल्कि भविष्य में किसी भी संभावित हमले को रोकना भी है. उन्होंने सेना के प्रयासों को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताया.
लेबनान और गाजा में बनेगा सुरक्षा क्षेत्र
नेतन्याहू ने कहा कि अब इजरायल की सुरक्षा नीति पहले से अलग है. उन्होंने स्पष्ट किया कि देश अपनी सीमाओं के पास किसी भी सशस्त्र संगठन को मजबूत होने का मौका नहीं देगा. उन्होंने बताया कि इसी रणनीति के तहत लेबनान के साथ-साथ गाजा क्षेत्र में भी सुरक्षा क्षेत्र विकसित किया जा रहा है. उनके अनुसार, यह बफर जोन इजरायल की सीमा के भीतर नहीं, बल्कि दूसरी तरफ बनाया जा रहा है, ताकि घुसपैठ, सुरंगों और आतंकी ठिकानों पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके. उन्होंने कहा कि सुरक्षा बल जमीन के ऊपर ही नहीं, बल्कि भूमिगत सुरंगों और छिपे हुए ठिकानों को भी खत्म करने के अभियान में जुटे हुए हैं.
सेना को दिया स्पष्ट निर्देश
प्रधानमंत्री ने सैनिकों को संबोधित करते हुए कहा कि उनकी सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है. उन्होंने जवानों से कहा कि यदि किसी भी समय उन्हें अपनी या अपने साथियों की जान पर खतरा महसूस हो, तो किसी अतिरिक्त आदेश का इंतजार किए बिना तुरंत कार्रवाई करें. उन्होंने कहा कि सेना को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि सुरक्षा से जुड़ी स्थिति में तत्काल निर्णय लिया जाए और किसी भी खतरे का तुरंत जवाब दिया जाए.
ईरान और हिजबुल्लाह को दी चेतावनी
अपने संबोधन के अंत में नेतन्याहू ने ईरान और हिजबुल्लाह को सीधा संदेश देते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच शांति तभी संभव है, जब सीमावर्ती इलाकों में हथियारबंद संगठनों की मौजूदगी खत्म हो. उन्होंने कहा कि जब तक हिजबुल्लाह इजरायल के लिए खतरा बना रहेगा, तब तक सेना दक्षिणी लेबनान के सुरक्षा क्षेत्र में तैनात रहेगी. उनके अनुसार, इजरायल का लक्ष्य अपनी सीमाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना और भविष्य में किसी भी खतरे को पहले ही रोक देना है.


