ईरान पर हमले की तैयारी में अमेरिका और इजरायल, 'ऑपरेशन स्लेजहैमर' पर हो रहा मंथन
अमेरिका ने ईरान पर नए सैन्य हमलों की तैयारी तेज कर दी है और 'ऑपरेशन स्लेजहैमर' नाम से संभावित अभियान पर विचार कर रहा है, जिससे युद्धविराम टूटने की आशंका बढ़ गई है.

वाशिंगटन: पश्चिम एशिया में तनाव के बीच अमेरिका ने ईरान पर नए सैन्य हमलों की तैयारी तेज कर दी है. ट्रंप प्रशासन युद्धविराम टूटने की स्थिति में 'ऑपरेशन स्लेजहैमर' नाम के संभावित अभियान पर गंभीरता से विचार कर रहा है.
अमेरिका और इजरायल की बड़ी तैयारी
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका और इजरायल पिछले कुछ समय से सबसे बड़े स्तर पर सैन्य तैयारियां कर रहे हैं. अगले सप्ताह ईरान के सैन्य और रणनीतिक ठिकानों पर नए हमले शुरू किए जा सकते हैं. रिपोर्ट्स में कहा गया है कि इस अभियान में स्पेशल फोर्स को भी शामिल किया जाएगा.
इनकी खास भूमिका जमीन के अंदर बने परमाणु संबंधी ठिकानों को ढूंढने और निशाना बनाने की होगी. मार्च महीने में ही सैकड़ों अमेरिकी सैनिकों को इस क्षेत्र में भेजा जा चुका है.
चीन यात्रा के दौरान राष्ट्रपति शी चिनफिंग से बातचीत के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का रुख और सख्त हो गया है. दोनों देश फिलहाल संयुक्त सैन्य अभ्यास भी कर रहे हैं.
ईरान ने बढ़ाई सतर्क
ताईरान भी संभावित हमले को लेकर पूरी तरह सतर्क हो गया है. तेहरान ने अपने एयर डिफेंस सिस्टम को फिर से मजबूत करना शुरू कर दिया है. ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकर गलीबाफ ने कहा कि उनकी सेना किसी भी आक्रमण का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार है.
ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में भी नया नियंत्रण तंत्र तैयार किया है. इसके तहत केवल उन जहाजों को आसानी दी जाएगी जो ईरान के साथ सहयोग करते हैं. इस प्रक्रिया में शुल्क भी वसूला जाएगा.
होर्मुज स्ट्रेट पर विवाद
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के तेल निर्यात का महत्वपूर्ण रास्ता है. अमेरिकी सेंटकॉम (CENTCOM) का दावा है कि अब तक 78 जहाजों को इस क्षेत्र से लौटाया जा चुका है और 4 जहाजों को रोक दिया गया है.
अगर युद्धविराम टूटा तो पूरा क्षेत्र फिर से बड़े युद्ध की चपेट में आ सकता है. दोनों तरफ से सैन्य गतिविधियां तेज होने से शांति की उम्मीद कम होती नजर आ रही है. अभी स्थिति काफी संवेदनशील बनी हुई है और अगले कुछ दिनों में कोई बड़ा फैसला या घटना क्षेत्र के भविष्य को तय कर सकती है.


