भीषण गर्मी की चपेट में यूरोप, कई देशों में टूटा तापमान का रिकॉर्ड, अब तक 48 लोगों की हुई मौत
यूरोप इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है. सबसे ज्यादा परेशानी फ्रांस में देखने को मिल रही है. गर्मी के बढ़ते असर को देखते हुए प्रशासन ने कई इलाकों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है.

नई दिल्ली: यूरोप इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है. बता दें, फ्रांस, ब्रिटेन, इटली, स्पेन, बेल्जियम, नीदरलैंड और स्विट्जरलैंड समेत कई देशों में तापमान लगातार नए रिकॉर्ड बना रहा है. इस दौरान हालात ऐसे हैं कि कई जगहों पर स्कूल बंद करने पड़े हैं. इसके साथ ही ट्रेनों और अन्य परिवहन सेवाओं पर असर भी पड़ा है और स्वास्थ्य विभाग लोगों को घरों में रहने तथा पर्याप्त पानी पीने की सलाह दे रहे हैं.
फ्रांस में बढ़ी सबसे ज्यादा परेशानी
सबसे ज्यादा परेशानी फ्रांस में देखने को मिल रही है. जानकारी के अनुसार, दक्षिण-पश्चिमी शहर पिस्सोस में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच गया, जो हाल के वर्षों में दर्ज सबसे अधिक तापमानों में से एक है. गर्मी के बढ़ते असर को देखते हुए प्रशासन ने कई इलाकों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है. बिजली व्यवस्था और सार्वजनिक सेवाओं पर भी दबाव बढ़ गया है.
48 लोगों की डूबने से हुई मौत
इस भीषण गर्मी का असर लोगों की जान पर भी पड़ रहा है. फ्रांस में गर्मी से राहत पाने के लिए नदियों और नहरों में उतरने वाले कई लोगों की डूबने से मौत हो गई, जिनकी संख्या 40 से बढ़कर 48 हो चुकी है. वहीं स्पेन में भी लू लगने के कारण कुछ लोगों की जान चली गई है.
मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि इस असामान्य गर्मी की वजह "हीट डोम" नामक मौसमीय स्थिति है. इसमें गर्म हवा का एक विशाल गुंबद किसी क्षेत्र के ऊपर ठहर जाता है, जिससे ठंडी हवाएं उस इलाके तक नहीं पहुंच पातीं और तापमान लगातार बढ़ता जाता है.
गर्मी के बंद हुए ब्रिटेन के स्कूल
ब्रिटेन में भी हालात चिंताजनक हैं. तेज गर्मी के कारण कई स्कूलों को बंद करना पड़ा है, जबकि रेल सेवाओं को एहतियातन धीमा किया गया है. इतना ही ही गरमी के कारण नीदरलैंड और बेल्जियम में खेल प्रतियोगिताएं रद्द कर दी गई हैं और कई सार्वजनिक कार्यक्रमों में बदलाव किया गया है.
विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण ऐसी चरम मौसमीय घटनाएं अब पहले की तुलना में अधिक बार देखने को मिल रही हैं. मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि दक्षिणी और मध्य यूरोप के कई हिस्सों में आने वाले दिनों में भी गर्मी से राहत मिलने की संभावना कम है.


