UN में भारत का पाकिस्तान पर तीखा प्रहार, सीमा पार आतंकवाद और अफगानिस्तान हमलों पर घेरा
संयुक्त राष्ट्र में भारत ने आतंकवाद के मुद्दे पर पाकिस्तान को जमकर घेरा. भारत ने सीमा पार आतंक फैलाने, अफगानिस्तान में एयरस्ट्राइक से नागरिकों की मौत और 1971 के नरसंहार का जिक्र करते हुए कहा, जो अपने लोगों पर बम बरसाते हैं, वे दुनिया को शांति का पाठ नहीं पढ़ा सकते.

नई दिल्ली: संयुक्त राष्ट्र में भारत ने एक बार फिर पाकिस्तान को आतंकवाद और सीमा पार हिंसा के मुद्दे पर कड़ी फटकार लगाई है. भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी हरीश ने पाकिस्तान पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस देश का इतिहास हिंसा, नरसंहार और आतंक से जुड़ा रहा हो, उसे भारत के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है.
यूएन में भारत ने अफगानिस्तान में पाकिस्तान की सैन्य कार्रवाई और एयरस्ट्राइक का मुद्दा भी मजबूती से उठाया. भारत ने संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन इन अफगानिस्तान की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि पाकिस्तान की सीमा पार कार्रवाई ने बड़ी संख्या में नागरिकों की जान ली है और हजारों लोगों को विस्थापित होने पर मजबूर किया है.
UNAMA रिपोर्ट का हवाला देकर पाकिस्तान को घेरा
संयुक्त राष्ट्र में भारत ने कहा कि UNAMA की रिपोर्ट के अनुसार साल 2026 के शुरुआती तीन महीनों में पाकिस्तान की सेना की सीमा पार कार्रवाई और हवाई हमलों के चलते अफगानिस्तान में करीब 750 नागरिकों की मौत और घायल होने की घटनाएं सामने आईं. भारत ने बताया कि UNAMA के आंकड़ों के मुताबिक 95 में से 94 घटनाओं के लिए पाकिस्तानी सुरक्षा बल जिम्मेदार पाए गए. भारत ने इस रिपोर्ट को पाकिस्तान की सैन्य नीति और क्षेत्रीय अस्थिरता का बड़ा उदाहरण बताया.
रमजान में एयरस्ट्राइक का मुद्दा उठाया
भारत ने पाकिस्तान द्वारा अफगानिस्तान में की गई कार्रवाई का जिक्र करते हुए कहा कि रमजान के दौरान मार्च महीने में काबुल के ओमिद एडिक्शन ट्रीटमेंट हॉस्पिटल पर एयरस्ट्राइक की गई थी. भारत ने कहा कि इस हमले में 269 नागरिकों की मौत हुई और 122 लोग घायल हुए. भारत के अनुसार हमला उस समय हुआ जब लोग तरावीह की नमाज के बाद मस्जिद से बाहर निकल रहे थे.
1971 के ऑपरेशन सर्चलाइट का भी जिक्र
संयुक्त राष्ट्र में भारत ने पाकिस्तान के अतीत का उल्लेख करते हुए 1971 के ऑपरेशन सर्चलाइट का मुद्दा भी उठाया. भारत ने कहा कि पाकिस्तान ने अपने ही नागरिकों के खिलाफ नरसंहार और महिलाओं के साथ सामूहिक दुराचार जैसी घटनाओं को अंजाम दिया था. भारत ने आरोप लगाया कि पाकिस्तान लगातार अपनी आंतरिक विफलताओं को छिपाने के लिए हिंसा और प्रचार का सहारा लेता रहा है.
सीमा पार आतंकवाद क्षेत्रीय शांति के लिए बड़ा खतरा
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि पी हरीश ने कहा, सीमा पार से होने वाला आतंकवाद आज भी क्षेत्रीय शांति और सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा बना हुआ है. उन्होंने कहा कि भारत कई दशकों से आतंकवाद का सामना कर रहा है और अब समय आ गया है कि आतंकवाद को समर्थन देने वाले देशों को जवाबदेह ठहराया जाए. पी हरीश ने कहा, जो देश आतंकवाद को समर्थन, पनाह या मदद देते हैं, उन्हें जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए.
आतंकवाद पर भारत का सख्त संदेश
भारत ने संयुक्त राष्ट्र में साफ शब्दों में कहा कि किसी भी कारण के नाम पर आम नागरिकों को निशाना बनाना कभी उचित नहीं ठहराया जा सकता. भारत ने वैश्विक समुदाय से आतंकवाद के खिलाफ एकजुट होकर कार्रवाई करने की अपील भी की भारत के इस कड़े रुख को पाकिस्तान के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक मजबूत संदेश माना जा रहा है.


