समुद्र में मचने वाली थी तबाही, होर्मुज की भारी हलचल के बीच भारतीय जहाज को किया गया रेस्क्यू
लेबनान पर इजरायल के लगातार जारी हमलों से नाराज ईरान ने शनिवार को रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण जलमार्ग 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को एक बार फिर जहाजों की आवाजाही के लिए बंद करने का ऐलान कर दिया.

नई दिल्ली: लेबनान पर इजरायल के लगातार जारी हमलों से नाराज ईरान ने शनिवार को रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण जलमार्ग 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को एक बार फिर जहाजों की आवाजाही के लिए बंद करने का ऐलान कर दिया. ईरान की इस घोषणा से ऐन पहले भारतीय दृष्टिकोण से एक बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है. भारत आ रहा एक प्रमुख एलएनजी जहाज 'अल हामरा' इस विवादित जलमार्ग को सुरक्षित पार करने में कामयाब रहा. इसके साथ ही भारत की ओर बढ़ रहे कुल जहाजों की संख्या अब 4 हो गई है.
क्यों महत्वपूर्ण है 'अल हामरा' का सुरक्षित निकलना?
'अल हामरा' नामक यह जहाज अबु धाबी नेशनल ऑयल कंपनी से 1 लाख 32 हजार 890 क्यूबिक मीटर एलएनजी लेकर भारत की तरफ बढ़ रहा है. केप्लर के सीनियर एनर्जी एनालिस्ट सुमित रितोलिया के अनुसार, सुरक्षा कारणों से इस जहाज ने संवेदनशील जलमार्ग में प्रवेश करने से पहले अपनी ट्रैकिंग बंद कर दी थी.
पावर प्लांटों के लिए आपूर्ति आवश्यक
यह जहाज तमिलनाडु के चेन्नई के पास स्थित एन्नोर एलएनजी टर्मिनल पर पहुंच रहा है. जिसका संचालन इंडियन ऑयल एलएजी प्राइवेट लिमिटेड द्वारा किया जाता है. दक्षिण भारत की ऊर्जा सुरक्षा और वहां मौजूद फर्टिलाइजर एवं पावर प्लांटों के लिए यह आपूर्ति बेहद आवश्यक है. भारत अपनी जरूरत की 10 से 15 फीसदी एलएनजी अबु धाबी से मंगाता है. जबकि सबसे बड़ा सप्लायर कतर 40-45 फीसदी है.
तीन अन्य तेल टैंकर भी भारत के लिए रवाना
केंद्रीय बंदरगाह, जहाजरानी और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने शनिवार को सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि 'अल हामरा' के अलावा भारत के ध्वज वाले तीन अन्य कच्चे तेल के टैंकर भी होर्मुज पार कर चुके हैं.
कुल क्रूड ऑयल: इन तीनों जहाजों में 8.6 लाख टन से अधिक कच्चा तेल लदा है.
भारतीय चालक दल: जहाजों पर कुल 94 भारतीय क्रू सदस्य सवार हैं.
आगमन की संभावित तारीखें और बंदरगाह
देश वैभव: 24 जून को गुजरात के वाडीनार बंदरगाह पहुंचेगा.
देश विभोर: 24 जून को ही गुजरात के सिक्का बंदरगाह पर लंगर डालेगा.
सनमार हेराल्ड: 1 जुलाई को ओडिशा के पारादीप बंदरगाह पर पहुंचने की उम्मीद है.
ईरान का रुख
ईरान के खातम-अल अंबिया केंद्रीय मुख्यालय ने सरकारी मीडिया के माध्यम से कहा कि होर्मुज को बंद करना दुश्मन द्वारा वादे तोड़े जाने का जवाब है. यदि हमले नहीं रुके तो आगे और कड़े कदम उठाए जाएंगे. तेहरान की इस सख्त घोषणा से ठीक पहले कुल 55 जहाजों ने इस मार्ग को पार किया था, जिनमें लगभग 17 मिलियन बैरल कच्चा तेल मौजूद था.
अमेरिका और ईरान के बीच बैठक
दूसरी तरफ, पश्चिम एशिया में शांति स्थापित करने के लिए स्विट्जरलैंड के बुर्गेनस्टॉक रिसॉर्ट में अमेरिका और ईरान के बीच उच्च स्तरीय बैठक शुरू हुई है. अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरानी पक्ष का नेतृत्व संसद अध्यक्ष बाघेर गालिबफ कर रहे हैं. हालांकि फिलहाल बातचीत में थोड़ा ठहराव आया है, लेकिन बैकचैनल कूटनीति के जरिए दोनों पक्षों को फिर से मेज पर लाने के प्रयास जारी हैं.


