'भारत अब सिर्फ उपभोक्ता नहीं, दुनिया को समाधान देने वाला देश': फ्रांस से पीएम मोदी का बड़ा संदेश
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के नीस में कहा कि भारत अब केवल तकनीक और समाधानों का उपभोक्ता नहीं, बल्कि वैश्विक चुनौतियों के समाधान देने वाला देश बन रहा है.

नई दिल्ली: पीएम मोदी ने फ्रांस के नीस शहर में आयोजित ‘भारत इनोवेट्स’ कार्यक्रम के उद्घाटन अवसर पर भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि देश अब केवल दुनिया में विकसित तकनीकों और समाधानों का उपभोक्ता नहीं है, बल्कि वैश्विक चुनौतियों के समाधान तैयार करने में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है. उन्होंने कहा कि आज भारत नवाचार, प्रौद्योगिकी और उद्यमिता के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और दुनिया के सामने एक नई पहचान बना रहा है.
संबोधन में क्या बोले पीएम मोदी?
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने भारत और फ्रांस के संबंधों को केवल कूटनीतिक या व्यापारिक साझेदारी तक सीमित नहीं बताया. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच का रिश्ता साझा मूल्यों, आपसी विश्वास, दीर्घकालिक दृष्टिकोण और नवाचार की भावना पर आधारित है. उनके अनुसार, दुनिया में कई देश रणनीतिक और आर्थिक साझेदारियां करते हैं, लेकिन कुछ ही रिश्ते ऐसे होते हैं जो समान सोच और भविष्य के साझा लक्ष्यों पर टिके होते हैं. भारत-फ्रांस संबंध उसी श्रेणी में आते हैं.
मोदी ने कहा कि दोनों देशों ने सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा और तकनीकी विकास जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में मिलकर काम किया है. उन्होंने अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन और कृत्रिम बुद्धिमत्ता जैसी उभरती तकनीकों में बढ़ते सहयोग का भी उल्लेख किया. उनके अनुसार, यह साझेदारी केवल दोनों देशों के लिए ही नहीं बल्कि वैश्विक हितों के लिए भी महत्वपूर्ण साबित हो रही है.
कार्यक्रम में मौजूद उद्यमियों, निवेशकों और शोधकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत में नवाचार की संस्कृति तेजी से मजबूत हो रही है. देश के युवा स्टार्टअप्स के माध्यम से नई तकनीकें और समाधान विकसित कर रहे हैं, जो न केवल भारतीय समाज की जरूरतों को पूरा कर रहे हैं बल्कि वैश्विक समस्याओं के समाधान भी प्रस्तुत कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि भारत सतत विकास और बेहतर भविष्य के लिए नवाचार कर रहा है और अब दुनिया के लिए भी समाधान तैयार कर रहा है.
प्रधानमंत्री ने ‘भारत इनोवेट्स’ पहल को भारतीय प्रतिभा और वैश्विक निवेश के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु बताया. उन्होंने कहा कि इस मंच के जरिए भारतीय युवाओं के विचारों और स्टार्टअप्स को अंतरराष्ट्रीय निवेशकों, शोध संस्थानों और उद्योग जगत से जुड़ने का अवसर मिलेगा. इससे भारतीय नवप्रवर्तकों को वैश्विक स्तर पर पहचान बनाने और सहयोग के नए अवसर प्राप्त होंगे.
इमैनुएल मैक्रों ने की भारत की सराहना
इस अवसर पर फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने भी भारत की वैज्ञानिक और तकनीकी उपलब्धियों की सराहना की. उन्होंने चंद्रयान-3 की चंद्रमा पर लैंडिंग का उल्लेख करते हुए भारत की तकनीकी क्षमता की प्रशंसा की और प्रधानमंत्री मोदी को लंबे समय तक प्रधानमंत्री पद पर बने रहने के लिए बधाई दी. मैक्रों ने भारत को उभरती वैश्विक नवाचार शक्ति बताते हुए दोनों देशों के बीच तकनीक और उद्यमिता के क्षेत्र में सहयोग को और मजबूत करने पर जोर दिया.
‘भारत इनोवेट्स’ कार्यक्रम भारत, फ्रांस और अन्य देशों के स्टार्टअप्स, वेंचर कैपिटल फर्मों, नीति निर्माताओं और शोधकर्ताओं को एक मंच पर लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है, जिससे भविष्य में वैश्विक स्तर पर नई साझेदारियों और नवाचारों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है.


