तेल संकट के बीच पाकिस्तान में दो सप्ताह के लिए बंद रहेंगे स्कूल, सरकारी कार्यालय के कामकाज में बदलाव

पाकिस्तान में बढ़ती तेल कीमतों के चलते सरकार ने दो हफ्ते तक स्कूल बंद करने और सरकारी दफ्तरों में चार दिन का कार्य सप्ताह लागू करने का फैसला लिया है. ईंधन बचाने और खर्च कम करने के लिए तेल भत्तों में कटौती और वर्क फ्रॉम होम जैसी व्यवस्थाएं भी लागू की गई हैं.

Suraj Mishra
Edited By: Suraj Mishra

पाकिस्तान में बढ़ती तेल कीमतों और ऊर्जा संकट के बीच सरकार ने ईंधन की खपत कम करने के लिए कई बड़े फैसले लिए हैं. प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने घोषणा की है कि इस सप्ताह के बाद अगले दो सप्ताह तक देश के सभी स्कूल बंद रहेंगे. साथ ही उच्च शिक्षा संस्थानों को तुरंत ऑनलाइन मोड में पढ़ाई शुरू करने का निर्देश दिया गया है. सरकार का कहना है कि इससे परिवहन और बिजली की खपत कम होगी और ईंधन की बचत हो सकेगी.

यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव का असर वैश्विक तेल आपूर्ति पर पड़ रहा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई है. इस स्थिति से पाकिस्तान जैसे आयात-निर्भर देशों की आर्थिक चुनौतियां और बढ़ गई हैं.

सरकारी कामकाज में बड़े बदलाव 

सरकार ने केवल शिक्षा क्षेत्र में ही नहीं बल्कि सरकारी कामकाज में भी बड़े बदलाव किए हैं. नए निर्देशों के अनुसार अब संघीय सरकारी कार्यालय सप्ताह में केवल चार दिन ही खुलेंगे. इसके अलावा कर्मचारियों की आवाजाही कम करने के लिए लगभग 50 प्रतिशत सरकारी कर्मचारी घर से काम करेंगे. सरकार का मानना है कि इससे ईंधन की खपत और दफ्तरों के संचालन पर होने वाला खर्च दोनों कम होंगे.

प्रधानमंत्री शरीफ ने सरकारी खर्चों में कटौती को लेकर भी कई सख्त कदमों का ऐलान किया है. उन्होंने बताया कि आने वाले दो महीनों के लिए सरकारी विभागों के तेल भत्ते में 50 प्रतिशत की कटौती की जाएगी. इसके साथ ही ग्रेड-20 और उससे ऊपर के उन अधिकारियों के वेतन से दो दिन की कटौती की जाएगी जिनकी मासिक आय तीन लाख रुपये से अधिक है.

सांसदों के वेतन में 25 प्रतिशत बढ़ोतरी करने की घोषणा

दिलचस्प बात यह है कि एक तरफ सरकार विभागीय खर्चों में कमी ला रही है. वहीं, सांसदों के वेतन में 25 प्रतिशत बढ़ोतरी करने की घोषणा भी की गई है. सरकार का कहना है कि यह कदम आर्थिक संतुलन बनाए रखने और प्रशासनिक व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए उठाया गया है.

प्रधानमंत्री शरीफ ने कहा कि आने वाले समय में तेल की कीमतों में और वृद्धि होने की संभावना है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार की कोशिश रहेगी कि इसका सीधा बोझ आम जनता पर न पड़े. उन्होंने यह भी बताया कि ऊर्जा संकट और बढ़ती लागत से निपटने के लिए विशेषज्ञों के साथ लगातार विचार-विमर्श किया जा रहा है, ताकि देश की अर्थव्यवस्था पर इसके असर को कम किया जा सके.

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