तालिबान की पाबंदी से बर्बाद हुआ अफगानिस्तान! लड़कियों को आजाद नहीं किया तो 4 साल में अनपढ़ और बीमार हो जाएगा पूरा देश
यूनिसेफ की हालिया रिपोर्ट ने अफगानिस्तान को लेकर खुलासा करते हुए चेतावनी दी है कि तालिबान महिलाओं के काम पर लगी पाबंदियों को हटा दें, वरना आने वाले सालों में देश शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था दोनों में भारी कमी का सामना करेगा.

नई दिल्ली: अफगानिस्तान में लड़कियों की शिक्षा और महिलाओं के काम पर लगी पाबंदियों से देश धीरे-धीरे गहरे संकट में फंसता जा रहा है. संयुक्त राष्ट्र बाल कोष (यूनिसेफ) की नई रिपोर्ट ने चेतावनी दी है कि अगर तालिबान इन प्रतिबंधों को नहीं हटाता, तो आने वाले सालों में देश शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था दोनों में भारी कमी का सामना करेगा.
यूनिसेफ रिपोर्ट की बड़ी चेतावनी
यूनिसेफ की हालिया रिपोर्ट के अनुसार, अगर लड़कियों की शिक्षा पर लगी रोक जारी रही तो 2030 तक अफगानिस्तान 25,000 से ज्यादा महिला शिक्षकों और स्वास्थ्य कर्मियों को खो सकता है. इसमें लगभग 20,000 महिला शिक्षक और 5,400 महिला स्वास्थ्यकर्मी शामिल हैं.
वर्तमान में तालिबान ने लड़कियों की पढ़ाई को सिर्फ 12 साल की उम्र तक सीमित कर रखा है और महिलाओं को ज्यादातर सरकारी नौकरियों से बाहर कर दिया है. रिपोर्ट कहती है कि इन पाबंदियों से पहले ही 10 लाख से ज्यादा लड़कियां प्रभावित हो चुकी हैं. अगर हालात नहीं बदले तो यह संख्या और बढ़ जाएगी.
शिक्षा और स्वास्थ्य पर बुरा असर
महिला शिक्षकों की कमी से स्कूलों की गुणवत्ता गिरेगी और लड़कियों की पढ़ाई और भी प्रभावित होगी. स्वास्थ्य क्षेत्र में महिला डॉक्टरों और नर्सों की कमी से महिलाओं और लड़कियों का इलाज मुश्किल हो जाएगा. इससे मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर बढ़ने का खतरा है.
यूनिसेफ ने कहा है कि अफगानिस्तान दुनिया का एकमात्र देश है जहां लड़कियों को माध्यमिक और उच्च शिक्षा से वंचित रखा जा रहा है. इससे देश की पूरी नई पीढ़ी अनपढ़ और कमजोर स्वास्थ्य वाली हो सकती है.
आर्थिक नुकसान भी बढ़ा
रिपोर्ट के मुताबिक, इन प्रतिबंधों से अफगानिस्तान की अर्थव्यवस्था को हर साल करीब 5.3 अरब अफगानी (लगभग 84 मिलियन डॉलर) का नुकसान हो रहा है, जो देश के जीडीपी का करीब 0.5 प्रतिशत है. यूनिसेफ ने तालिबान से अपील की है कि वे लड़कियों की शिक्षा और महिलाओं को काम करने की आजादी दें.
बिना इस बदलाव के अफगानिस्तान का भविष्य अंधकारमय हो सकता है. लड़कियों को शिक्षा और महिलाओं को रोजगार देने से ही देश आगे बढ़ सकता है. फिलहाल पाबंदियां जारी रहने से पूरा समाज प्रभावित हो रहा है.


