IND vs ENG: चौथे T20 में भी फ्लॉप रहे वैभव सूर्यवंशी, फॉर्म पर उठे सवाल!

इंग्लैंड दौरे पर टीम इंडिया के युवा बल्लेबाज़ वैभव सूर्यवंशी से फैंस को जो तूफानी शुरुआत की उम्मीद थी, वो अब तक नहीं दिखी। चौथे टी20 में भी वो बड़ी पारी नहीं खेल सके और एक बार फिर सस्ते में आउट हो गए।

Sachin Hari Legha

नई दिल्ली: इंग्लैंड दौरे पर टीम इंडिया के युवा बल्लेबाज़ वैभव सूर्यवंशी से फैंस को जो तूफानी शुरुआत की उम्मीद थी, वो अब तक नहीं दिखी। चौथे टी20 में भी वो बड़ी पारी नहीं खेल सके और एक बार फिर सस्ते में आउट हो गए। लगातार दो मैचों में खामोश रहने के बाद, अब उनकी बल्लेबाजी को लेकर बहस छिड़ गई है। क्या उन्हें 5वें टी20 मुकाबले में भी मौका मिलना चाहिए? इस तरह के सवाल भी लोगों के मन में उठने लगे हैं!

शुरुआत अच्छी, अंजाम फिर वही  

सीरीज शुरू होने से पहले वैभव पर सबकी निगाहें थीं। घरेलू क्रिकेट और जूनियर स्तर पर विस्फोटक बल्लेबाजी के चलते उन्हें "अगला बड़ा नाम" कहा जा रहा था। लेकिन अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में इंग्लैंड के गेंदबाजों ने उनकी कमजोरी पकड़ ली है। ब्रिस्टल में हुए चौथे टी20 में वैभव ने आते ही 2-3 आक्रामक शॉट लगाए। लगा कि आज लंबी पारी आएगी। लेकिन फिर वही गलती।

शॉर्ट गेंद और अतिरिक्त उछाल के सामने वो टिक नहीं पाए और जल्दी पवेलियन लौट गए। टीम को उनसे शुरुआती ओवरों में मोमेंटम देने की उम्मीद थी, लेकिन वो उसे आगे नहीं ले जा सके। नतीजा - भारत को फिर से टॉप ऑर्डर में झटका लगा। उन्होंने इस मैच में 10 गेंदों का सामना करते हुए 15 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से एक छक्का जरूर दिखा, लेकिन फिर उनके विकेट ने सबको निराश कर दिया।

इंग्लैंड ने पकड़ी तकनीकी कमजोरी!   

इंग्लिश तेज गेंदबाजों ने वैभव के लिए साफ प्लान बनाया है। लगातार बाउंसर और पीठ पर गेंद। युवा बल्लेबाज इस उछाल और गति से जूझ रहे हैं। क्रिकेट में सिर्फ बड़े शॉट मारना काफी नहीं होता। परिस्थिति के हिसाब से खुद को ढालना भी जरूरी है। वैभव अभी उस कसौटी पर खरे नहीं उतर पा रहे हैं। लगातार मौके मिलने के बावजूद बड़ी पारी न आना टीम प्रबंधन के लिए भी सोचने वाली बात है।  

क्या ये सिर्फ शुरुआती दौर है?   

हालांकि कई विशेषज्ञ मानते हैं कि इतनी कम उम्र में असफलता से गुजरना नॉर्मल है। वैभव में प्रतिभा की कमी नहीं है। दिक्कत सिर्फ अनुभव और धैर्य की है। अगर वो शुरुआती दबाव झेलकर पारी को आगे बढ़ाना सीख जाएं, तो भविष्य में टीम इंडिया के मिडिल ऑर्डर का अहम हिस्सा बन सकते हैं। अभी उन्हें अपने शॉट सिलेक्शन और टेम्परामेंट पर काम करना होगा।  

अगला मैच आखिरी मौका?  

सीरीज का पांचवां और आखिरी टी20 अब वैभव के लिए खुद को साबित करने का मौका है। अगर इस मैच में वो बड़ी पारी खेलते हैं तो आलोचनाओं का जवाब बल्ले से देंगे। लेकिन अगर प्रदर्शन इसी तरह रहा तो टीम में उनकी जगह पर सवाल उठना तय है। फिलहाल भारतीय टीम को ब्रिस्टल में मिली हार के बाद हर विभाग में सुधार चाहिए। और उस सुधार की शुरुआत वैभव जैसे युवा खिलाड़ियों को जिम्मेदारी निभाकर ही करनी होगी। इंग्लैंड के खिलाफ ये सीरीज वैभव के लिए सीखने का मौका है। अब देखना है कि वो इस सीख को अगले मैच में नतीजे में बदल पाते हैं या नहीं।  

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