डेब्यू मैच में फ्लॉप हुए वैभव सूर्यवंशी: अपनी इस गलती से हुए आउट, फैंस भी हुए हैरान!
वैभव क्रीज पर आते ही आत्मविश्वास से भरे दिखे। पहली ही गेंद से उन्होंने अपने इरादे साफ कर दिए। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने घबराने के बजाय इंग्लिश गेंदबाजों पर हमला किया।

नई दिल्ली: 15 साल की उम्र में भारत के लिए इंटरनेशनल डेब्यू का सपना आखिरकार वैभव सूर्यवंशी के लिए सच हो गया। इंग्लैंड के खिलाफ मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड में खेले गए दूसरे T20 मैच में बिहार के इस युवा बल्लेबाज को पहली कैप मिली। कैप मिलते ही उन्होंने सबसे युवा भारतीय डेब्यूटेंट का रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। लेकिन डेब्यू मैच उनकी उम्मीदों के मुताबिक लंबा नहीं चल पाया।
स्टंप आउट हुए सूर्यवंशी
वैभव क्रीज पर आते ही आत्मविश्वास से भरे दिखे। पहली ही गेंद से उन्होंने अपने इरादे साफ कर दिए। बाएं हाथ के इस बल्लेबाज ने घबराने के बजाय इंग्लिश गेंदबाजों पर हमला किया। पारी के दौरान उन्होंने दो जबरदस्त छक्के भी जड़े, जिससे स्टेडियम में बैठे फैंस तालियां बजाने पर मजबूर हो गए।
उनका अंदाज बिल्कुल वैसा ही था जैसा IPL और डोमेस्टिक क्रिकेट में दिखता आया है - बेखौफ और आक्रामक। लेकिन इंटरनेशनल क्रिकेट का दबाव अलग होता है। स्कोर बढ़ाने के चक्कर में वैभव सिर्फ 10 गेंदों में 14 रन बनाकर स्टंप आउट हो गए। एक छोटी सी गलती और यादगार डेब्यू का मौका हाथ से निकल गया।
स्कोर छोटा, लेकिन इरादे बड़े
स्कोरकार्ड देखो तो 14 रन कुछ खास नहीं लगते। लेकिन जिस तरह से वैभव खेले, उसने बता दिया कि उन्हें टीम में क्यों चुना गया। संभलकर खेलने की बजाय उन्होंने अपने नेचुरल गेम पर भरोसा किया।
Vaibhav Sooryavanshi is ready 😎
— BCCI (@BCCI) July 4, 2026
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इंग्लैंड जैसी वर्ल्ड क्लास बॉलिंग अटैक के खिलाफ बिना डरे खेलना, और वो भी 15 साल की उम्र में, अपने आप में बड़ी बात है। उनके दो छक्कों ने साफ दिखा दिया कि उनमें मैच का रुख पलटने की काबिलियत है। टीम मैनेजमेंट और फैंस को निराशा जरूर हुई होगी कि पारी जल्दी खत्म हो गई, लेकिन इस छोटी पारी में भी उनका टैलेंट झलक गया।
डेब्यू से मिली बड़ी सीख
किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए इंटरनेशनल डेब्यू आसान नहीं होता। ऊपर से इंग्लैंड जैसी टीम के खिलाफ, और वो भी घरेलू फैंस के सामने। देश का जर्सी पहनने का प्रेशर और करोड़ों उम्मीदों का बोझ साथ लेकर खेलना आसान नहीं। वैभव के लिए ये 10 गेंदें एक क्लासरूम जैसी थीं।
उन्होंने सीखा कि इंटरनेशनल स्तर पर हर गेंद की कीमत क्या होती है। 14 रन पर आउट होने का मलाल होगा, लेकिन ये अनुभव आगे चलकर उनके काम आएगा। IPL में तूफानी पारियों के बाद डेब्यू पर थोड़ा लड़खड़ाना नॉर्मल है। सचिन से लेकर कोहली तक, सबके पहले मैच यादगार नहीं रहे थे।
वैभव की उम्र अभी उनके साथ है। आज की छोटी पारी आने वाले कल की बड़ी सेंचुरी की नींव बन सकती है। भारत को एक नया फिनिशर मिल गया है, बस उसे तराशने की जरूरत है।


