हर रोज क्यों गूंज उठता है पूरा ब्रह्मांड, वैज्ञानिकों ने खोला अंतरिक्ष के सबसे खतरनाक धमाकों का रहस्य

ब्रह्मांड में हर दिन ऐसे रहस्यमयी धमाके होते हैं जिनकी चमक करोड़ों सूर्यों से भी ज्यादा ताकतवर मानी जाती है। वैज्ञानिक इन्हें गामा-रे बर्स्ट कहते हैं। ये विस्फोट इतने शक्तिशाली होते हैं कि करोड़ों प्रकाश वर्ष दूर होने के बावजूद पृथ्वी से दिखाई दे जाते हैं और अब इनके पीछे की वजह ने वैज्ञानिकों को भी हैरान कर दिया है।

Lalit Sharma
Edited By: Lalit Sharma

वैज्ञानिकों के मुताबिक गामा-रे बर्स्ट यानी GRBs ब्रह्मांड की सबसे ताकतवर और रहस्यमयी घटनाओं में शामिल हैं। जब ये धमाके होते हैं तो कुछ सेकंड के भीतर इतनी ऊर्जा निकलती है जितनी हमारा सूर्य अपने पूरे जीवनकाल में भी नहीं छोड़ता। यही वजह है कि इन्हें अंतरिक्ष का सबसे बड़ा विस्फोट माना जाता है। खगोलविद कई दशकों से इन रहस्यमयी घटनाओं को समझने में जुटे हुए हैं।

हर दिन होती है ऐसी घटना

वैज्ञानिकों का कहना है कि ब्रह्मांड में लगभग हर दिन किसी न किसी हिस्से में गामा-रे बर्स्ट होता है। हालांकि ये घटनाएं पृथ्वी से करोड़ों प्रकाश वर्ष दूर होती हैं, लेकिन इनकी चमक इतनी ज्यादा होती है कि आधुनिक टेलीस्कोप और सैटेलाइट इन्हें आसानी से पकड़ लेते हैं। इन धमाकों ने अंतरिक्ष विज्ञान की दुनिया में नई जिज्ञासा पैदा कर दी है।

1970 में पहली बार चला पता

गामा-रे बर्स्ट का पहला संकेत 1970 के दशक में मिला था। उस समय अमेरिका के कुछ सैटेलाइट अंतरिक्ष में परमाणु परीक्षणों पर नजर रखने के लिए भेजे गए थे। लेकिन अचानक वैज्ञानिकों को अंतरिक्ष से बेहद तेज गामा किरणों के संकेत मिलने लगे। शुरुआत में वैज्ञानिक खुद समझ नहीं पाए कि आखिर ये ऊर्जा कहां से आ रही है। बाद में रिसर्च के जरिए पता चला कि ये विस्फोट अंतरिक्ष की बेहद दूर की घटनाएं हैं।

क्या होते हैं गामा-रे बर्स्ट

गामा-रे बर्स्ट दो तरह के माने जाते हैं। पहला होता है शॉर्ट गामा-रे बर्स्ट। ये विस्फोट दो सेकंड से भी कम समय तक चलते हैं। वैज्ञानिकों के मुताबिक ये तब होते हैं जब दो न्यूट्रॉन तारे आपस में टकराते हैं या फिर कोई न्यूट्रॉन तारा ब्लैक होल में समा जाता है। टक्कर के बाद बेहद शक्तिशाली ऊर्जा पैदा होती है और नया ब्लैक होल बन जाता है।

दूसरे प्रकार के होते हैं लॉन्ग GRBs

दूसरी तरफ लॉन्ग गामा-रे बर्स्ट दो सेकंड से ज्यादा समय तक चलते हैं और कई बार लगभग एक मिनट तक बने रहते हैं। ये विशाल तारों की मौत से जुड़े होते हैं। जब किसी बहुत बड़े तारे का ईंधन खत्म हो जाता है तो उसका केंद्र अपने ही गुरुत्वाकर्षण के दबाव में ढहने लगता है। इसके बाद वहां ब्लैक होल बनता है और भारी विस्फोट होता है।

कैसे पैदा होती हैं खतरनाक किरणें

वैज्ञानिकों के मुताबिक जब नया ब्लैक होल बनता है तो वह दोनों दिशाओं में बेहद तेज गति वाले जेट छोड़ता है। ये जेट प्रकाश की गति के करीब चलते हैं। जब ये आसपास मौजूद गैस और धूल से टकराते हैं तो भयंकर गामा किरणें पैदा होती हैं। यही किरणें पृथ्वी तक पहुंचती हैं और वैज्ञानिक इन्हें रिकॉर्ड करते हैं। इस प्रक्रिया में ऊर्जा का स्तर इतना ज्यादा होता है कि वैज्ञानिक भी हैरान रह जाते हैं।

आफ्टरग्लो से मिलती है जानकारी

इन धमाकों के बाद एक चमक पैदा होती है जिसे आफ्टरग्लो कहा जाता है। यह चमक गामा किरणों से शुरू होकर एक्स-रे, दृश्य प्रकाश, इंफ्रारेड और रेडियो तरंगों तक फैल जाती है। वैज्ञानिक कई दिनों और कई बार वर्षों तक इस आफ्टरग्लो का अध्ययन करते रहते हैं। इसी से उन्हें ब्लैक होल, न्यूट्रॉन स्टार और अंतरिक्ष की दूसरी घटनाओं के बारे में अहम जानकारी मिलती है।

ब्लैक होल के रहस्य खोल रहे विस्फोट

गामा-रे बर्स्ट सिर्फ धमाके नहीं हैं, बल्कि ये वैज्ञानिकों के लिए अंतरिक्ष की सबसे बड़ी प्रयोगशाला भी बन चुके हैं। इनकी मदद से वैज्ञानिक ब्लैक होल बनने की प्रक्रिया, विशाल तारों की मौत और ब्रह्मांड के शुरुआती दौर को समझने की कोशिश कर रहे हैं। कई वैज्ञानिक मानते हैं कि अगर GRBs को पूरी तरह समझ लिया गया तो ब्रह्मांड के कई बड़े रहस्य सामने आ सकते हैं।

क्या पृथ्वी के लिए भी खतरा

वैज्ञानिकों का मानना है कि अगर कभी हमारी आकाशगंगा के पास बहुत बड़ा गामा-रे बर्स्ट हुआ तो इसका असर पृथ्वी पर भी पड़ सकता है। इसकी ऊर्जा पृथ्वी के वातावरण को नुकसान पहुंचा सकती है। हालांकि फिलहाल ऐसा कोई खतरा सामने नहीं है क्योंकि ज्यादातर GRBs हमसे करोड़ों प्रकाश वर्ष दूर होते हैं। फिर भी वैज्ञानिक लगातार इन पर नजर बनाए हुए हैं।

नई तकनीक से हो रही बड़ी खोजें

आज दुनिया के कई बड़े अंतरिक्ष संगठन जैसे NASA और European Space Agency आधुनिक टेलीस्कोप और सैटेलाइट्स की मदद से गामा-रे बर्स्ट का अध्ययन कर रहे हैं। नई तकनीकों की वजह से अब वैज्ञानिक पहले से ज्यादा तेजी और सटीकता से इन विस्फोटों को पकड़ पा रहे हैं। आने वाले समय में इससे जुड़ी और भी चौंकाने वाली जानकारियां सामने आ सकती हैं।

अभी भी बाकी हैं कई सवाल

हालांकि वैज्ञानिकों ने गामा-रे बर्स्ट को लेकर काफी जानकारी हासिल कर ली है, लेकिन अभी भी कई सवालों के जवाब बाकी हैं। आखिर ये विस्फोट इतने ताकतवर क्यों होते हैं? ब्लैक होल बनने के दौरान असल में क्या होता है? क्या इनका संबंध ब्रह्मांड की शुरुआत से भी है? ऐसे कई रहस्य अब भी वैज्ञानिकों को उलझाए हुए हैं और इन्हें सुलझाने के लिए दुनिया भर में रिसर्च जारी है।

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