8वें वेतन आयोग की अहम सूचना, 30 जून की डेडलाइन से पहले जमा करें ये जरूरी जानकारी

केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर काम कर रहे 8वें केंद्रीय वेतन आयोग ने विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और अन्य संबंधित संस्थाओं से आवश्यक जानकारी जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है.

Yashika Jandwani

नई दिल्ली: केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर काम कर रहे 8वें केंद्रीय वेतन आयोग ने विभिन्न मंत्रालयों, विभागों और अन्य संबंधित संस्थाओं से आवश्यक जानकारी जुटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. वहीं इस दौरान आयोग ने स्पष्ट किया है कि सभी आंकड़े और विवरण केवल निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से ही स्वीकार किए जाएंगे.

ऑनलाइन जमा करने होंगे आंकड़े 

आयोग के अनुसार, केंद्र सरकार के मंत्रालयों, विभागों, केंद्रीय संगठनों, केंद्र शासित प्रदेशों, रक्षा सेवाओं, अखिल भारतीय सेवाओं, कर्मचारी संघों और पेंशनभोगी संगठनों सहित सभी संबंधित पक्षों को अपने-अपने आंकड़े ऑनलाइन जमा करने होंगे. इसके साथ ही ये भी साफ कर दिया गया है ईमेल, हार्ड कॉपी, एक्सेल फाइल या किसी अन्य भौतिक माध्यम से भेजी गई जानकारी पर विचार नहीं किया जाएगा. 

करना होगा रजिस्ट्रेशन

डेटा जमा करने के लिए संबंधित संस्थाओं को आयोग के ऑनलाइन पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन करना होगा। इसके बाद ईमेल सत्यापन और अन्य आवश्यक प्रक्रियाओं के जरिए लॉगिन कर जानकारी अपलोड की जा सकेगी. बता दें, आयोग ने सभी हितधारकों से निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रक्रिया पूरी करने का आग्रह किया है.

डेटा जमा करने की अंतिम तारिख 

इसी के साथ डेटा जमा करने की अंतिम तिथि 30 जून 2026 तय की गई है. आयोग ने कहा है कि इस तारीख के बाद किसी भी प्रकार की नई एंट्री स्वीकार नहीं की जाएगी. वहीं सुझाव और ज्ञापन भेजने की प्रक्रिया पहले ही समाप्त हो चुकी है. इसके लिए निर्धारित समय सीमा 15 जून 2026 थी, जिसे पहले दो बार बढ़ाया जा चुका था.

आयोग देश के विभिन्न शहरों में कर्मचारी संगठनों, पेंशनभोगी समूहों और अन्य हितधारकों के साथ बैठकें भी करेगा. इसके तहत जून और जुलाई में लखनऊ, भुवनेश्वर और कोलकाता में चर्चा कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जहां विभिन्न पक्ष अपने विचार और सुझाव रख सकेंगे.

कब हुआ था आयोग का गठन 

8वें केंद्रीय वेतन आयोग का गठन नवंबर 2025 में किया गया था. आयोग को वेतन, भत्तों और पेंशन से जुड़े मुद्दों पर अपनी सिफारिशें तैयार करनी हैं. अनुमान है कि आयोग लगभग 18 महीनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंप सकता है. इससे देश के करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 65 लाख पेंशनभोगियों पर असर पड़ने की संभावना है. हालांकि नई सिफारिशों के लागू होने में कुछ और समय लग सकता है.

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