भारत की अग्रणी आईटी सेवा कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने इस वर्ष करीब 12,000 कर्मचारियों की छंटनी की घोषणा की है. यह उसके कुल वैश्विक कार्यबल का लगभग 2% हिस्सा है. कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह कदम मुख्य रूप से मध्यम और वरिष्ठ स्तर के कर्मचारियों को प्रभावित करेगा.
टीसीएस ने एक बयान में कहा, “हम भविष्य के लिए तैयार संगठन बनने की दिशा में काम कर रहे हैं. इस प्रक्रिया में उन सहयोगियों को अलग किया जाएगा, जिनकी परियोजनाओं में तैनाती संभव नहीं हो पा रही है.” कंपनी ने यह भी कहा कि ग्राहक सेवा में कोई व्यवधान ना हो, इसके लिए पूरी योजना सावधानीपूर्वक बनाई गई है.
यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब भारत का आईटी सेवा उद्योग (283 अरब डॉलर का बाजार) वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के बढ़ते प्रभाव के चलते एक संक्रमण काल से गुजर रहा है. वैश्विक स्तर पर प्रमुख क्लाइंट्स की मांग में गिरावट देखी गई है, जिसके कारण कंपनियां नियुक्तियों में कटौती और संसाधनों के अधिकतम उपयोग पर ज़ोर दे रही हैं. टीसीएस के पास जून 2025 तक 6,13,069 कर्मचारी थे और यह भारत की सबसे बड़ी निजी आईटी नियोक्ता बनी हुई है.
छंटनी की इस प्रक्रिया में टीसीएस ने यह आश्वासन दिया है कि प्रभावित कर्मचारियों को नोटिस पीरियड का भुगतान, विस्तारित बीमा कवर, करियर ट्रांजिशन सपोर्ट और अन्य सेवानिवृत्ति लाभ प्रदान किए जाएंगे. कंपनी ने कहा, “हम जानते हैं कि यह हमारे सहयोगियों के लिए कठिन समय है. हम सुनिश्चित करेंगे कि इस परिवर्तन काल में उन्हें हरसंभव सहयोग मिले.”
छंटनी का यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब टीसीएस के कुछ कर्मचारियों ने हाल ही में बदली गई आंतरिक नीतियों के खिलाफ कानूनी लड़ाई शुरू की है. नई नीति के अनुसार, कर्मचारियों को प्रत्येक वर्ष कम से कम 225 बिल योग्य कार्यदिवस पूरे करने होंगे, और 35 दिनों से अधिक समय तक 'बेंच' पर रहना अब स्वीकार्य नहीं होगा.
टीसीएस अकेली कंपनी नहीं है जो इस दबाव का सामना कर रही है. भारत की शीर्ष 6 आईटी कंपनियों में भी अप्रैल-जून 2025 की तिमाही में नए नियुक्तियों की संख्या में 72% की गिरावट दर्ज की गई. इस तिमाही में केवल 3,847 नए कर्मचारी जोड़े गए, जबकि पिछली तिमाही में यह संख्या 13,935 थी.
First Updated : Sunday, 27 July 2025